रायपुर में प्रोफेसर ने एंडोस्कोपी कैमरे से पेपर लीक किया:सुई से लिफाफे में छेदकर वीडियो बनाया; फिर छात्रों को बेच दिया, 6 अरेस्ट
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में प्रोफेसर ने इंडोस्कोपी कैमरे से स्कैन कर पेपर लीक किया। पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे में छेद करने के लिए सुई और नुकीले उपकरण का इस्तेमाल किया। फिर एंडोस्कोपी कैमरे को लिफाफे में बने छोटे छेद से अंदर डालकर प्रश्नपत्र स्कैन कर लिया। इसके बाद कंटेंट को हाथ से लिखकर छात्रों को बेच दिया। पुलिस के मुताबिक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र का पेपर लीक हुआ है। 7 अगस्त को B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी और 20 अगस्त को सेकंड ईयर की कीटशास्त्र परीक्षा थी। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में होनी थीं। पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने परीक्षा स्थगित कर दी। देखिए पहले ये तस्वीरें- मास्टरमाइंड निजी कॉलेज में प्रोफेसर मास्टरमाइंड प्रोफेसर का नाम योगेश सोनकेसरिया है। वह दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में साल 2019 से प्रोफेसर है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था। 17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय आया था। इसी दौरान उसने आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लिए। सभी पेपर कॉलेज में रखने के बाद उसने 20 अगस्त की परीक्षा के कीटशास्त्र विषय का पेपर वाला लिफाफा अपने घर ले गया। योगेश ने घर पर लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्न पत्र का वीडियो बना लिया। फिर प्रश्न पत्र की सामग्री की नकल तैयार की और उसे अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया। अजय नायक ने पेपर त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को दिया। पेपर लीक की जानकारी कवर्धा कृषि कॉलेज और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ई-मेल के जरिए मिली। इसके बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
6 घंटे में पेपर लीक का खुलासा मामले की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की।तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं। करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक के पूरे मामले का खुलासा किया। 11 हजार रुपए, 6 मोबाइल समेत सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपए कैश, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है। 6 आरोपी गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ………………………. ये खबर भी पढ़ें… बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी का पोर्टल हैक, पेपर-लीक की आशंका:एग्जाम से पहले छात्रों को प्रश्नपत्र मिलने का दावा, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी कर रही जांच देशभर में चर्चित रहे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पेपर लीक का मामला अभी विवादों में है। छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी का समर्थ पोर्टल हैक हो गया है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि क्वेश्चन पेपर भी लीक हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…