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जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश:स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय; कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन पहुंचेगा; सतना में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी

By देश | दैनिक भास्कर
September 1, 2026 5 Min Read
Comments Off on जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश:स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय; कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन पहुंचेगा; सतना में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इस वजह से कई जिलों में बाढ़ आ गई है। सतना में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट में करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल डूब गए। भारी बारिश को देखते हुए सतना में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों की 2 और 3 सितंबर को छुट्‌टी घोषित की गई है। अगले दो दिन तक सतना, चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में हालात सुधरने की संभावना कम है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। देखिए, मंगलवार को बारिश और बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. इसलिए तेज बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव है। वहीं, दक्षिणी हिस्से से एक ट्रफ भी गुजर रही है। ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ सक्रिय है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन तक सिस्टम और भी मजबूत होगा। कल से पश्चिमी हिस्से में पहुंचेगा सिस्टम मौसम विशेषज्ञों की माने तो 2 सितंबर को पूरा पूर्वी हिस्सा तेज बारिश से तरबतर रहेगा। भोपाल व नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में असर दिखाई देगा। 4 सितंबर को पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा असर रहेगा। इस वजह से भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी। 5 सितंबर को भी इन्हीं संभाग में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। डैमों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी आया लगातार बारिश की वजह से प्रदेश के डैमों की स्थिति सुधरी है। अधिकांश डैम में 70 प्रतिशत तक पानी आ गया है। कुछ डैम के गेट तो खोल दिए गए हैं। इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति ठीक नहीं है। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट ही खाली है। बड़ा तालाब फुल भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलेंगे। यहां से छोड़ा जाने वाला पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा और इसमें भी पानी का लेवल बढ़ जाएगा। अब तक 27.8 इंच बारिश IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी, 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) की तुलना में 3.1 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 16% बारिश कम हुई है। 40 जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी, निवाड़ी में 2% से 55% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, दतिया, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 53% कम पानी गिरा है। 15 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून के बाद जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानी ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले चार साल से इससे अधिक बारिश हो रही है। ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी। जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड सितंबर महीने में जबलपुर में भी मानसून जमकर बरसता है। 20 सितंबर 1926 को जबलपुर में 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं, पूरे महीने में 32 इंच बारिश साल 1926 को हो चुकी है। यहां महीने में औसत 10 दिन बारिश होती है। वहीं, सामान्य बारिश साढ़े 8 इंच है। पिछले 3 साल से सामान्य से ज्यादा पानी गिर रहा है। उज्जैन में 1981 में पूरे मानसून का कोटा हो गया था फुल उज्जैन की सामान्य बारिश 34.81 इंच है, लेकिन वर्ष 1961 में सितंबर की बारिश ने ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा फुल कर दिया था। इस महीने 1089 मिमी यानी करीब 43 इंच पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक साढ़े 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 सितंबर 1961 को बना था। सितंबर महीने में उज्जैन की सामान्य बारिश पौने 7 इंच है, लेकिन पिछले दो साल से 12 इंच से ज्यादा बारिश हो रही है। इस महीने औसत 7 दिन बारिश होती है।
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