Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

कर्मचारियों का सवाल- क्या ISRO रॉकेट नहीं बनाएगा?:9 संगठनों ने प्राइवेटाइजेशन पर स्पष्टीकरण मांगा; कांग्रेसी बोली- साराभाई की विरासत खत्म की जा रही

By देश | दैनिक भास्कर
September 6, 2026 2 Min Read
Comments Off on कर्मचारियों का सवाल- क्या ISRO रॉकेट नहीं बनाएगा?:9 संगठनों ने प्राइवेटाइजेशन पर स्पष्टीकरण मांगा; कांग्रेसी बोली- साराभाई की विरासत खत्म की जा रही
ISRO के नौ कर्मचारी संगठनों ने स्पेस एजेंसी के चेयरपर्सन वी. नारायणन को पत्र लिखकर प्राइवेटाइजेशन पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह लेटर 4 सितंबर को लिखा गया। जानकारी आज सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि सरकारी संस्थानों में निजी कंपनियों की भागीदारी हो सकती है, लेकिन ISRO मजबूत संगठन बना रहना चाहिए। इसे केवल सीमित रिसर्च एंड डेवलपमेंट (RD) संस्था तक सीमित न कर दिया जाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पर लिखा कि स्पेस एजेंसी के अंदर से आवाजें उठने लगी हैं। जब साराभाई और धवन की विरासत को व्यवस्थित तरीके से खत्म किया जा रहा है तो बाकी लोगों को भी चुप नहीं रहना चाहिए। ISRO के अंदर उठा विवाद, 3 पॉइंट में समझें… क्यों उठे सवाल: 21 अगस्त को IN-SPACe चेयरपर्सन पवन गोयनका ने एक कार्यक्रम में कहा कि आखिरकार ISRO कोई लॉन्च व्हीकल नहीं बनाएगा और न ही किसी लॉन्च व्हीकल का निर्माण करेगा। यह सब निजी क्षेत्र या PSU करेगा। IN-SPACe निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने, मंजूरी देने और उनकी निगरानी का काम करता है। ISRO कर्मचारियों की मांग: कर्मचारी संगठन ने कहा कि ISRO की तकनीक, टेस्ट फैसिलिटी और लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर जनता के पैसे से तैयार हुए हैं, इसलिए इन्हें निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। विपक्ष का आरोप: जयराम रमेश ने X पर लिखा कि स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के नाम पर मोदी सरकार ISRO की भूमिका कम कर रही है। उन्होंने कहा कि ISRO की बनाई तकनीक और क्षमता निजी कंपनियों को दी जा रही है। जिनका भविष्य क्या होगा, किसी को नहीं पता। अब जानिए ISRO के बारे में, 57 साल पहले बना था ISRO की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी। इसका पूरा नाम इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन है। ISRO का मुख्यालय बेंगलुरु में है। ISRO की स्थापना में डॉ. विक्रम साराभाई की सबसे अहम भूमिका थी। उन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। इससे पहले 1962 में INCOSPAR बनाया गया था जिसकी अगुआई भी विक्रम साराभाई ने की थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों ने ISRO छोड़ा, 10 महीने में 100 इस्तीफे इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) से पिछले 10 महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों ने या तो इस्तीफा दे दिया है या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। नौकरी छोड़ने वाले वैज्ञानिकों में गगनयान और दूसरे अहम मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Author

देश | दैनिक भास्कर

Follow Me
Other Articles
Previous

CJP कार्यकर्ता ने घर पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया:जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में पिता से मारपीट का दावा किया था, आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार

Next

JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप:11 छात्रों की शिकायत; दावा- वाइवा में सेक्सुअल कमेंट किए; छात्रसंघ बोला- प्रोफेसर लैब में रोकते हैं

हाल की खबरें

  • तमिलनाडु: हाईवे बोर्ड पर हिंदी लिखने पर 2 अधिकारी सस्पेंड:तमिल-अंग्रेजी में जगहों के नाम लिखने का नियम; 2026 में तीसरी बार हिंदी शब्द मिटाए गए
  • तमिलनाडु: हाईवे बोर्ड पर हिंदी लिखने पर 2 अधिकारी सस्पेंड:तमिल-अंग्रेजी में जगहों के नाम लिखने का नियम; 2026 में तीसरी बार हिंदी शब्द मिटाए गए
  • तमिलनाडु: हाईवे बोर्ड पर हिंदी लिखने पर 2 अधिकारी सस्पेंड:तमिल-अंग्रेजी में जगहों के नाम लिखने का नियम; 2026 में तीसरी बार हिंदी शब्द मिटाए गए
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme