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छात्र बोले- 10 मिनट पहले निकले, नहीं तो दबे होते:बिल्डिंग से दरकने की आवाजें आ रही थीं; जन्माष्टमी की छुट्टी से बची दिल्ली हादसे में कई जान

By देश | दैनिक भास्कर
September 7, 2026 4 Min Read
Comments Off on छात्र बोले- 10 मिनट पहले निकले, नहीं तो दबे होते:बिल्डिंग से दरकने की आवाजें आ रही थीं; जन्माष्टमी की छुट्टी से बची दिल्ली हादसे में कई जान
शुक्र है हम बच गए....यह कहना है, दिल्ली के सत्य निकेतन के हॉस्टल से कुछ देर पहले निकले छात्रों का। इनके मुताबिक, इमारत गिरने से कुछ देर पहले दीवारों से दरकने यानी क्रैक की आवाजें भी आ रही थीं। कुछ छात्रों ने बताया कि वे हादसे से महज 10-20 मिनट पहले ही बिल्डिंग से बाहर निकले थे। लौटे तो सबकुछ बिखर गया था। बिल्डिंग के बेसमेंट में करीब एक हफ्ते से काम चल रहा था। हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। गिरी हुई इमारत करीब 40 साल पुरानी थी। मलबे से अब तक 6 लोगों के शव मिल चुके हैं। पहले हॉस्टल की फोटो देखें हॉस्टल गिरने के पहले आखिर क्या हुआ था, उस बिल्डिंग में कितने लोग रहते थे, जानेंगे वहां रहने वाले छात्रों से… ‘अगर वहां से नहीं निकलते तो हम भी दब जाते’ हॉस्टल के नजदीक रहने वाले मोहम्मद यासीन ने कहा, " मैं फ्लैट में रहता हूं। कल मैं अपने दोस्त वारिस के पास हॉस्टल डेज में रुका था। हम लोग रातभर बात करते रहे। दोपहर में 12 बजे उठे। मेरा दोस्त वारिस बोला बिल्डिंग गिरने वाली है, उसमें क्रैक आ रहे हैं। दरकने की आवाज आ रही है।" यासीन ने बताया, "तभी हम फ्रैश होने के लिए बाथरूम गए। देर रात से पानी नहीं आ रहा था। मैंने कहा, मेरे फ्लैट पर चलो, 20 मिनट बाद आए तो देखा बिल्डिंग गिर गई। हमारे कुछ दोस्त भी दब गए थे। वे एम्स में भर्ती हैं। नीरज और नीतीश दोनों मलबे में दबकर घायल हो गए थे। अगर हम वहां से नहीं निकलते तो हम भी दब जाते। छोटी सी जगह थी, रेंट भी बहुत ज्यादा लेते हैं। 14-15 हजार है।" वारिस बोले- एक घंटे से दीवारें दरकने की आवाजें आ रही थीं वारिस ने बताया, 'मैं यहां एक महीने पहले आया था। इस हॉस्टल में 13 से 14 लोग रहते थे। 5 मंजिला इमारत के हर फ्लोर पर 2 कमरे थे। हर कमरे में 2 से 3 लोग रहते थे। जब मैं निकला था, उस वक्त 6 या 7 लोग दिखे। वहां एक हफ्ते से कंस्ट्रक्शन चल रहा था।" उन्होंने बताया, “मैंने एक घंटे पहले यासीन से मजाक में बोला कि बिल्डिंग गिरने वाली है। उसने सीरियसली नहीं लिया। दीवारों से दरकने की आवाजें आ रहीं थीं। अगर हम फ्रैश होने के लिए नहीं निकलते तो,शायद ही हम बच पाते। बिल्डिंग गिरने की बात सुनकर मुझे झटका लगा। मेरे दोस्त मुझे सही-सलामत देखकर खुश हैं।” हबीब बोला- हॉस्टल में 4 फ्लोर, 8 कमरे थे हबीब खान ने बताया, "जन्माष्टमी की छुट्‌टी के कारण कॉलेज 3 दिन से बंद था। इसलिए मैं शाहीन बाग चला गया था। मुझे आज शाम को लौटना था। सोमवार से कॉलेज था। ऊपर वाले का शुक्रिया कि उस वक्त मैं हॉस्टल में नहीं था।" उसने बताया, "बॉयज हॉस्टल में 4 फ्लोर थे। 8 कमरे थे। नीचे एक दुकान थी, लेकिन वह बंद रहती थी। हर फ्लोर पर 2 कमरे थे, एक कमरे में 2 लोग रहते थे। कुछ बेड खाली थे। हालांकि आराम से 14 लोग थे। नीचे काम चल रहा था, तो कुछ मजदूर दबे हैं। आस-पास के लोग भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। मेरा एक दोस्त 10 मिनट पहले ही पीजी से बाहर निकला था। उसके वहां से जाने के बाद बिल्डिंग गिर गई।" मालिक को बस किराया से मतलब, देखने तक नहीं आते सत्य निकेतन की संकरी गलियों में बड़ी संख्या में हॉस्टल, पीजी और खाने की दुकानें हैं। संकरी गलियों के बीच बचाव उपकरण पहुंचने में देर हुई। मलबे में दबे कई छात्र फोन करके दूसरों से मदद और जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरते ही तेज कंपन महसूस किया। लोग घरों से निकले तो ‘हॉस्टल डेज’ पीजी की जगह मलबे का ढेर था। स्थानीय लोग हाथों और उपलब्ध औजारों से मलबा हटाने में जुट गए। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, रविवार के कारण कई छात्र पीजी में ही थे। करीब 20 साल से इस क्षेत्र में रह रहीं प्रियंका ने कहा कि यहां कई पुराने मकानों को 5-6 मंजिला बनाकर लड़कों के पीजी में बदल दिया गया है। मालिक कहीं और रहते हैं। किराया ऑनलाइन लेते हैं और इमारतों की देखरेख नहीं करते। जो इमारत गिरी है, उसमें भी लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं हुआ था। यहां के स्थानीय लोगों ने यहां पुरानी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में बेसमेंट समेत पांच मंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति और उनकी सुरक्षा की जांच होनी चाहिए। बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि अंदर फंसे लोगों के फोन आ रहे हैं और बचाव दल लगातार उनके संपर्क में हैं। पुलिस ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, ताकि एंबुलेंस और राहत दलों की आवाजाही बाधित न हो। -------------- ये खबरें भी पढ़ें दिल्ली में 5 मंजिला इमारत गिरी, 6 की मौत: दावा- 50 साल पुरानी थी बिल्डिंग दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई। देर रात मलबा हटाए जाने के दौरान एक और शव मिला। मरने वालों में एक छात्र और एक मजदूर है, जबकि 4 की पहचान अभी नहीं हुई है। हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी। पढ़ें पूरी खबर
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