मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर गडकरी बोले- शर्म आती है:94% काम ही पूरा, उद्घाटन में नहीं जाऊंगा: सरकार ने 3 साल में 103 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किए
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।' गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, 'हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।' गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया। मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई। 2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई। यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ---------- ये खबर भी पढ़ें… गडकरी बोले- मीडिया सेक्टर में विश्वसनीयता का संकट:ये सबसे बड़ी समस्या; लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका और मीडिया का निष्पक्ष होना जरूरी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी संस्थानों में मीडिया के सामने विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है। आज सबसे बड़ी जरूरत है कि मीडिया अपनी विश्वसनीयता फिर से कायम करे। पूरी खबर पढ़ें…