राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:यूपी SIT ने कहा- 2 दिन में चार्जशीट दाखिल कर देंगे
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- 2 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा-पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं। अगर इससे पहले चार्जशीट दाखिल नहीं हुई तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल सकती है। तुषार मेहता बोले- 2 दिन में दाखिल करेंगे चार्जशीट चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने तुषार मेहता ने कहा- हम 2 दिन में चार्जशीट दाखिल कर देंगे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच कर रही SIT ने भी जांच की स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी है। बेंच ने इस रिपोर्ट को देखा। जुलाई में जारी हुआ था नोटिस चढ़ावा चोरी के मामले की जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में केंद्र सरकार, यूपी सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं में RJD सांसद सुधाकर सिंह, वकील एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। जांच को लेकर सुझाव देने की मिली थी अनुमति पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं और दूसरे लोगों को जांच से जुड़े अपने सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में देने की अनुमति दी थी। अब SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दे चुकी है और यूपी सरकार ने दो दिन में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है। 25 जून को 8 लोगों पर दर्ज हुई थी FIR रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसका इस्तेमाल करने में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों की बताई अलग-अलग भूमिका पुलिस के मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी की गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपए की रिकवरी हुई थी। CCTV और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जुटाए पुलिस ने मंदिर परिसर के CCTV फुटेज की जांच की। चढ़ावे की गिनती से जुड़े रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान भी जांच में शामिल किए गए। इसके अलावा फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जुटाया गया है। चार्जशीट में चोरी की कथित कार्यप्रणाली, आरोपियों की भूमिका और उनसे हुई बरामदगी का विवरण शामिल किया जाएगा। 22 सितंबर को 90 दिन पूरे वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के मुताबिक, जिन मामलों में कानून के तहत 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करना जरूरी होता है, वहां समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इस मामले में 90 दिन की अवधि पूरी हो रही है। इसलिए पुलिस के लिए चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा अहम हो गई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें
योगी बोले-हनुमान भक्त बाबर की औलादों को जवाब देंगे:नितिन नवीन ने CM की तारीफ की, कहा- यूपी को उत्तम प्रदेश बनाया मेरठ में सीएम योगी ने सोमवार को कहा- सपा और कांग्रेस ने प्रदेश को परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी है। सपा को सनातन का बैर है। राम का नाम लेने से उन्हें उतनी ही चिढ़ होती थी, जितनी बाबर को थी। इसलिए आपको ही सब तय करना है। बाबर के अनुयायियों का जवाब केवल बजरंगबली ही दे सकते हैं। हनुमान भक्त ही ये काम कर सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर