नमस्कार वनमंत्री बाघों की बढ़ती संख्या से खुश हैं। हालांकि अलवर में उन्होंने एक ही टाइगर दो बार देख लिया। भीलवाड़ा विधायकजी का खास कार्यकर्ता उस दिन से बहुत उत्साहित है जब विधायक महोदय उनकी स्कूटी के पीछे बैठ गए थे। बूंदी में भव्य स्वागत हुआ तो किरोड़ी बाबा ने जनता को काम आने का भरोसा दे दिया और पूर्व विधायक और भाजपा नेता ने शेयर की अपने-अपने सफर की तस्वीरें। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. बाघों की बढ़ती संख्या से मंत्रीजी खुश एसटी-19 का शावक शैतान निकला। अलवर शहर के नजदीकी गांव श्योदानपुरा में वनमंत्रीजी दम साधे दीवार से सटे हुए थे। आस-पास अन्य वन अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। मंत्रीजी की निगाहें जंगल के उस हिस्से की ओर थी जहां छोटा सा पूल बनाया गया था। पूल में पानी था। मई महीने की जोरदार गर्मी पड़ रही थी। एसटी-19 का टाइगर शावक इस पानी में अठखेलियां कर रहा था। मंत्रीजी ने उसे निहारा। जी भरकर निहारा। वनकर्मी डायरी में कुछ नोट करने लगे। नहाने से मन भरा तो शावक पूंछ हिलाते हुए झाड़ियों में गुम हो गया। मंत्रीजी ने ठंडी सांस ली। कुछ देर बाद उसी पूल में एक और टाइगर आकर स्नान करने लगा। वनमंत्रीजी की आंखों में चमक आ गई। टाइगर बिल्कुल सामने था। सांसों का शोर थामते हुए मंत्रीजी ने कर्मचारी से पूछा- ये वही है या दूसरा है। कर्मचारी ने ठंडी जुबान में कहा- ये तो वही है सर। दूसरी बार आया है। एसटी-19 के शावक ने मंत्रीजी का उत्साह ठंडा करने की कोशिश की। लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि टाइगरों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। इससे मंत्रीजी उत्साहित हैं। 2. विधायकजी का स्कूटी वाला ‘खास कार्यकर्ता’ सैंया भए कोतवाल, फिर डर काहे का? कहावत खरी है। लेकिन अगर सैंया भए MLA तो डर चीज ही क्या है? भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी जी के एक खास कार्यकर्ता हैं। नाम है सत्यनारायण। हरि अनंत-हरि कथा अनंता की तरह सत्यनारायण जी की कथा भी काफी विस्तारित है। कार्यकर्ता महोदय ट्राई-स्कूटी चलाते हैं। विधायकजी के करीबी हैं। एक बार विधायकजी को स्कूटी पर बैठाकर शहर घुमाया। स्कूटी चलाते हुए ही सेल्फी लेने की कोशिश की। स्कूटी पर न नंबर, न हेलमेट का अता-पता। पीछे विधायकजी बैठे हों तो किसकी मजाल जो टोक दे? कार्यकर्ता महोदय की हिम्मत बढ़ गई। दूसरी बार स्कूटी लेकर एक मेले में पहुंच गए। मेला जोरदार। काफी भीड़। इसके बावजूद सत्यनारायण जी ने चार-पांच लोगों को स्कूटी पर चढ़ा लिया और मेले में फर्राटा भरने लगे। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं। क्योंकि सैंया भए… एक मामला और आया। एक युवा ने इनीशिएटिव लेते हुए झील की सफाई कर दी। सफाई का वीडियो बना दिया। वीडियो बनाकर शेयर कर दिया। यह नहीं करना चाहिए था। कार्यकर्ता महोदय को युवक पर गुस्सा आ गया। उन्होंने युवक को जमकर आड़े हाथ लिया। गालियां दे डालीं। युवक भी शिकायत लेकर सुभाषनगर थाने पहुंच गया। दावा है कि युवक की पुलिस ने एक नहीं सुनी। क्योंकि सैंया भए.. 3. भव्य स्वागत के बाद बाबा का ‘ऐलान’ बाबा को चैलेंज पसंद हैं। इधर काफी टाइम से एक युवा नेताजी गाहे-बगाहे किरोड़ी बाबा को लपेटते रहते हैं। उन पर कमेंट कर जाते हैं। खुद को समाज का सबसे बड़ा नेता मानते हैं। SDM साहब से जुड़ी एक घटना के कारण वे रातों-रात स्टार बन गए। लेकिन बाबा ने अपना जनाधार ऐसे ही नहीं बनाया है। बाबा समाज के एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बूंदी के नैनवां पहुंचे थे। यह इलाका तो युवा नेताजी का गढ़। काफी भाग-दौड़ कर चुके हैं। बाबा जब यहां पहुंचे तो स्वागत में जनता का सागर लहरा रहा था। आतिशबाजी हुई। सनरूफ खोलकर कार की छत से बाबा ने दर्शन दिए। चारों ओर लोगों का मेला। बाबा का दिल गदगद हो गया। हजारों लोगों ने जोरदार वेलकम किया। बाबा ने भी मंच पर जाकर माइक संभाला और लोगों के जोश को सलाम करते हुए बोले- आधी रात को भी काम पड़े तो बिना रोक-टोक आ जाना। मैं आपके लिए तैयार मिलूंगा। 4. चलते-चलते.. इन दिनों राजनेता अपने सफर में कैमरामैन साथ रखते हैं। इसका फायदा यह होता कि कैमरामैन सफर के दौरान औचक सामने आए घटनाक्रम को कैद करता है और फिर सोशल मीडिया पर शेयर कर देता है। सफर का सफर। रील की रील। प्रमोशन का प्रमोशन। ऐसा ही एक वीडियो सादुलपुर से कांग्रेस की पूर्व विधायक मैडम का सामने आया। मैडम ने खेलों में खूब नाम कमाया था। कार से सफर करते वक्त रास्ते में उन्हें बाइक सवार दिखा। बाइक पर पीछे बैठे यात्री ने टीशर्ट पहनी थी। टीशर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्रीजी का चित्र छपा था। चित्र के पास लिखा था- फिट राजस्थान, हिट राजस्थान। इसी नारे के साथ पूर्व सीएम ने ग्रामीण ओलंपिक कराए थे। पूर्व विधायक खुद खिलाड़ी रही थीं, इसलिए उन्हें वे दिन याद आ गए। अब वे दिन सत्ता वाले या खेल वाले इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन मैडम ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। दूसरा वीडियो भाजपा नेता प्रेम सिंह बाजोर का है। वे सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस क्षेत्र में काफी काम भी किया है। सैनिकों के परिवारों की खूब देखभाल करते हैं। कार में सफर के दौरान उन्होंने हाथ में रोटी लेकर खाने का वीडियो शेयर किया है। नेतागण कभी-कभी इतने व्यस्त होते हैं कि ठीक से न रोटी खाने का वक्त मिलता है और न रील बनाने का। सफर के दौरान दोनों काम आसान हो जाते हैं। इनपुट सहयोग- मनीष जैन (भीलवाड़ा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
