जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक का नालसा (जागृति) योजना 2025 के अंतर्गत सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य थीम पर इम्मानुएल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों, यौन अपराधों से संरक्षण, शिकायत करने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श (good touch- bad touch), साइबर सुरक्षा, और आत्म-सुरक्षा के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर कोर्ट वाली दीदी पहल के बारे में भी जानकारी दी गई। चाइल्ड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में एक ऐसे शिक्षक को चाइल्ड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने के संबंध में भी चर्चा की, जो बालकों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार रख बच्चों की समस्याओं के बारे में अवगत हो, समस्या का उचित समाधान कर सके। कार्यक्रम के अंतर्गत ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूस्डे गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों के साथ संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र तथा जागरूकता आधारित इंटरैक्टिव गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान बच्चों में जागरूकता के स्तर को मापने के लिए प्री-असेसमेंट एवं पोस्ट-असेसमेंट भी किया गया, जिससे कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन किया जा सके। बच्चों को किया जागरूक सचिव महोदय द्वारा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को निर्देशित किया गया कि वे इस अभियान को केवल औपचारिकता न समझकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में अपनाएं तथा अपने आसपास के समाज में भी जागरूकता फैलाएं। कार्यक्रम में जागृति यूनिट के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी को यह भी निर्देशित किया गया कि बच्चों की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा न की जाए। यह अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।
