चित्तौड़गढ़ और निंबाहेड़ा माइनिंग विभाग को इस फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कुल 424.16 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है। जो तय टारगेट का 84.50 प्रतिशत है। विभाग को इस साल कुल 501.99 करोड़ रुपए का टारगेट दिया गया था। इसमें चित्तौड़गढ़ माइनिंग विभाग के लिए 192.72 करोड़ रुपए और सहायक माइनिंग विभाग निंबाहेड़ा के लिए 309.27 करोड़ रुपए का टारगेट निर्धारित किया गया था। आंकड़ों के अनुसार चित्तौड़गढ़ माइनिंग विभाग ने 154.98 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया है। अर्जित किया, जो उसके लक्ष्य का 80.42 प्रतिशत है, जबकि निंबाहेड़ा विभाग ने 269.19 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाते हुए 87.04 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया। वहीं विभाग इस बार मेजर मिनरल्स जैसे चाइना क्ले समेत अन्य ब्लॉक की नीलामी भी नहीं कर पाया। इसके साथ ही अवैध माइनिंग करने पर कारोड़ों रुपए का जुर्माना वसूला गया है। मेजर और माइनर मिनरल्स से होती है रेवेन्यू माइनिंग विभाग द्वारा यह रेवेन्यू मुख्य रूप से मेजर और माइनर मिनरल्स के लिए जमीन नीलामी के माध्यम से प्राप्त किया गया है। इसके अलावा विभाग ने अवैध खनन, निर्गमन और बजरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए भी राजस्व वसूली की है। मेजर मिनरल्स से विभाग को अप फ्रंट पेमेंट के रूप में राशि प्राप्त हुई है, जबकि माइनर मिनरल्स से प्रीमियम राशि के रूप में आय हुई है। इस तरह विभाग ने अलग-अलग स्रोतों के माध्यम से राजस्व जुटाने का काम किया है। मेजर मिनरल्स और माइनर मिनिरल्स के लिए ब्लॉक्स किए नीलाम वित्तीय साल 2025-26 में मेजर मिनरल्स जैसे चाइना क्ले, कवार्टजाईट के तहत कुल 7 ब्लॉकों को नीलामी के लिए चिन्हित किया गया था, जिनमें से पांच ब्लॉक निदेशालय को भेजे गए हैं। हालांकि अभी तक इन ब्लॉकों की कोई सफल नीलामी नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, पिछले साल 2024 की नीलामी से विभाग को 25.38 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। वहीं माइनर मिनरल्स जैसे मेसनरी स्टोन, एम स्टोन, सेंड स्टोन के तहत इस साल 94 ब्लॉक चिन्हित किए गए, जिनमें से 84 ब्लॉक निदेशालय को भेजे गए और 64 ब्लॉकों की सफल नीलामी हो चुकी है। यह सारे प्लॉट्स चित्तौड़गढ़, गंगरार, बेगूं, बस्सी, भूपाल सागर, निंबाहेड़ा ब्लॉक में है। इन नीलामियों से विभाग को 9.42 करोड़ रुपए की प्रीमियम राशि प्राप्त हुई है। इसके अलावा आगामी वित्तीय साल 2026-27 के लिए भी माइनर मिनरल्स के आठ प्लॉट नीलामी के लिए चिन्हित किए जा चुके हैं। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और वसूली माइनिंग विभाग ने वित्तीय साल 2025-26 में अक्टूबर तक अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई भी की है। इस दौरान कुल 16 मामले अवैध खनन के सामने आए, जबकि निर्गमन के 85 और भंडारण के 6 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 55 ट्रैक्टर, 33 डंपर और 10 मशीनें जब्त की गई हैं। इन सभी कार्रवाइयों के जरिए विभाग ने 1 करोड़ 40 लाख 14 हजार 859 रुपए का राजस्व प्राप्त किया है। साथ ही 24 मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। यह कार्रवाई नियमित निगरानी और जांच के आधार पर की गई। पिछले साल की कार्रवाई से तुलना अगर पिछले वित्तीय साल 2024-25 की कार्रवाई की बात करें तो उस दौरान अवैध खनन के 44 मामले सामने आए थे, जबकि निर्गमन के 140 और भंडारण के 15 मामले दर्ज किए गए थे। उस समय कार्रवाई के दौरान 81 ट्रैक्टर, 65 डंपर और 20 मशीनें जब्त की गई थीं। इन कार्रवाइयों के जरिए विभाग ने 3 करोड़ 89 लाख 27 हजार 318 रुपए की वसूली की थी और कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह दोनों सालों के आंकड़ों को देखने पर यह स्पष्ट होता है कि कार्रवाई और वसूली के आंकड़ों में अंतर रहा है, जो अलग-अलग परिस्थितियों और मामलों के आधार पर तय हुआ है।
