सलूंबर में गर्मी के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत शहर में फ्रूट जूस और फल विक्रेताओं सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। 30 लीटर एक्सपायरी आइस कैंडी जब्त कर नष्ट की खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक टीम ने बाईपास स्थित मेसर्स पवन कुमार मगनलाल फर्म का निरीक्षण किया। यहाँ से “सूजी लेक सिटी” ब्रांड का एक नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म में साफ-सफाई की कमी पाई गई, जिसके बाद पेस्ट कंट्रोल कराने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। फर्म से 30 लीटर अवधि पार (एक्सपायरी) आइस कैंडी जब्त कर नष्ट की गई। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे इसके अलावा बस स्टैंड क्षेत्र में फ्रूट जूस की दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। विक्रेताओं को फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड, मोम और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने केवल मान्यता प्राप्त इथिलीन गैस पाउच के उपयोग की सलाह दी। निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान पर हानिकारक रसायनों के उपयोग की पुष्टि नहीं हुई। लिए गए सभी नमूनों को आगे की जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित खाद्य और पेय सामग्री उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस प्रदर्शित करने, खुले में खाद्य सामग्री नहीं बेचने और उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण और कार्रवाई में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीना और सहायक शूरवीर सिंह भी शामिल थे।
