Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Uncategorized

जंगली कुत्ते मादा की तलाश में 4000 km घूमे:9 महीने तक जोड़ीदार तलाशते रहे, अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की

By poltix_INS_admin
September 15, 2026 4 Min Read
0

जाम्बिया के काफ्यू नेशनल पार्क से निकले तीन अफ्रीकी जंगली कुत्तों ने साथी और नया इलाका तलाशने के लिए करीब 4,126 किमी का सफर तय किया। तीनों भाई 2025 के मध्य में अपने पुराने झुंड से अलग हुए और करीब 9 महीने तक अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे। अप्रैल 2026 तक वे साउथ लुआंगवा और लोअर जाम्बेजी नेशनल पार्कों के बीच एक गेम मैनेजमेंट एरिया यानी आंशिक रूप से सुरक्षित वन्यजीव क्षेत्र तक पहुंच गए। वैज्ञानिकों के मुताबिक, किसी अफ्रीकी स्तनधारी के इस तरह साथी की तलाश में इतनी लंबी दूरी तय करने का यह अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। इंसानी बस्तियों से बचने के लिए बार-बार रास्ता बदला इन तीनों को ‘मायुकुयुकु मेल्स’ के नाम से पहचाना गया है। उनका सफर सीधा नहीं था। काफ्यू से निकलकर वे पहले पूर्व की ओर गए और किटवे और एनडोला जैसे औद्योगिक शहरों के आसपास पहुंचे। यहां सड़कें, शहर और इंसानी गतिविधियां ज्यादा थीं, इसलिए उन्होंने रास्ता बदला और फिर लुआंगवा नदी घाटी की ओर बढ़े। आखिर में वे साउथ लुआंगवा और लोअर जाम्बेजी के बीच पहुंच गए। यानी नक्शे पर उनकी शुरुआती और आखिरी जगह के बीच दूरी भले करीब 420 किमी थी, लेकिन इंसानी इलाकों से बचते हुए उन्होंने करीब 2,564 मील यानी 4,126 किमी का घुमावदार रास्ता तय किया। यह दूरी काहिरा से केप टाउन के बीच की दूरी की करीब आधी है। झुंड छोड़कर नया साथी तलाशते हैं युवा जंगली कुत्ते अफ्रीकी जंगली कुत्ते झुंड में रहने वाले सामाजिक जानवर हैं। वे साथ मिलकर शिकार करते हैं और बच्चों की देखभाल भी करते हैं। बड़े होने के बाद कई नर और मादा अपने जन्म वाले झुंड से अलग होकर नया इलाका और साथी तलाशते हैं। इसे डिस्पर्सल कहा जाता है। यह माइग्रेशन से अलग है। माइग्रेशन में जानवर आमतौर पर मौसम, भोजन या रहने की जगह के हिसाब से एक इलाके से दूसरे इलाके जाते हैं और कई बार वापस भी लौटते हैं। वहीं डिस्पर्सल में जानवर नया साथी या नया इलाका खोजने के लिए अपने जन्म वाले झुंड को छोड़ देते हैं। जंगली कुत्ते आमतौर पर अपने ही जन्म वाले झुंड में प्रजनन नहीं करते। इसलिए बड़े होने पर उनके सामने नया साथी तलाशने का विकल्प होता है। आमतौर पर 2 से 3 साल की उम्र में वे अपना झुंड छोड़ सकते हैं। मायुकुयुकु झुंड के इन तीन भाइयों ने भी यही किया। लेकिन उनकी यात्रा बाकी जंगली कुत्तों से अलग रही, क्योंकि वे हजारों किलोमीटर दूर तक चले गए। 19 झुंडों को GPS से ट्रैक किया गया वैज्ञानिकों ने सिर्फ इन तीन भाइयों की निगरानी नहीं की। रिसर्च के दौरान 19 जंगली कुत्तों के समूहों को GPS कॉलर की मदद से ट्रैक किया गया। ये सभी समूह जाम्बिया के 7 नेशनल पार्कों के अंदर या उनके आसपास घूमते रहे। इनमें से 4 समूह अलग-अलग मौकों पर जाम्बिया की सीमा से कुछ किलोमीटर दूर तक पहुंच गए। उनकी गतिविधियां अंगोला, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, मलावी और जिम्बाब्वे की सीमाओं के पास दर्ज की गईं। वैज्ञानिकों ने इससे पहले बोत्सवाना, तंजानिया और जिम्बाब्वे में भी जंगली कुत्तों की लंबी दूरी की आवाजाही रिकॉर्ड की थी। इन सभी मामलों को मिलाकर संकेत मिलता है कि दक्षिणी और पूर्वी अफ्रीका में जंगली कुत्तों की बड़ी आबादियां अब भी एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं। यानी उनके बीच आवाजाही पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और कोई झुंड नया इलाका या साथी तलाशते हुए दूसरी आबादी तक पहुंच सकता है। 2,300 किमी घूमी मादा, लेकिन फंदे में फंसकर मौत रिसर्च में एक मादा जंगली कुत्ते EWD-1355 की कहानी भी सामने आई। वह 2021 में अपनी दो बहनों के साथ साउथ लुआंगवा से निकली थी। तीनों ने 2,300 किमी से ज्यादा का सफर किया और मोजाम्बिक से भी होकर गुजरीं। लेकिन दक्षिणी जाम्बिया के एक गेम मैनेजमेंट एरिया में EWD-1355 शिकारी के लगाए तार के फंदे यानी स्नेर में फंस गई और उसकी मौत हो गई। उसकी दोनों बहनों के साथ बाद में क्या हुआ, यह पता नहीं चल पाया। यह जंगली कुत्तों के लिए फंदों के खतरे को भी दिखाता है। शिकारी अक्सर ऐसे फंदे एक जगह पर कई की संख्या में लगाते हैं। जंगली कुत्ते अपने घायल साथी को छोड़कर आसानी से नहीं जाते। इसलिए एक जानवर के फंसने पर बाकी साथी उसके आसपास रुक सकते हैं और खुद भी फंदों में फंस सकते हैं। जंगल के बीच रास्ते खत्म हुए तो मुश्किल बढ़ेगी अफ्रीकी जंगली कुत्ते अफ्रीका के सबसे दुर्लभ शिकारी जानवरों में शामिल हैं। जंगलों में इनकी संख्या करीब 6 हजार ही बची है। इनके लिए खतरा सिर्फ शिकारियों से नहीं है। सड़कें, शहर, खेती और औद्योगिक इलाके इनके रहने वाले बड़े इलाकों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट रहे हैं। इससे एक झुंड के लिए दूसरे इलाके तक पहुंचना और नया साथी तलाशना मुश्किल हो सकता है। तीन भाइयों का 4,126 किमी का सफर हालांकि यह दिखाता है कि ये जानवर इंसानों से बदले हुए इलाकों के बीच भी रास्ता खोज सकते हैं। लेकिन हर जानवर इतना भाग्यशाली नहीं होता। EWD-1355 की मौत बताती है कि लंबी दूरी तय करने के दौरान इंसानी इलाकों में खतरा भी बढ़ जाता है। वैज्ञानिक बोले- जंगल ही नहीं, उनके बीच के रास्ते भी बचाएं मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और रिसर्च के प्रमुख लेखक स्कॉट क्रील 1991 से अफ्रीकी जंगली कुत्तों का अध्ययन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, रिसर्च से उम्मीद की एक बड़ी वजह सामने आई है। बाड़ से घिरे इलाकों को छोड़ दें तो पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में जंगली कुत्तों की ज्यादातर बड़ी आबादियां अब भी एक-दूसरे तक पहुंच सकती हैं। लेकिन इसके लिए सिर्फ अलग-अलग जंगलों को बचाना काफी नहीं है। दो जंगलों के बीच के रास्ते भी खुले रखने होंगे। अगर सड़कें, शहर और खेती लगातार फैलते गए तो जंगली कुत्तों की आवाजाही रुक सकती है। वहीं अगर इन प्राकृतिक रास्तों और जुड़े हुए इलाकों को बचाया गया, तो अलग-अलग झुंडों के बीच संपर्क बना रह सकता है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला है। यहां यूरेनियम के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स भी पाए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Author

poltix_INS_admin

Follow Me
Other Articles
Previous

शुभेंदु अधिकारी के PA की मां नंदीग्राम से उम्मीदवार:बंगाल चुनाव नतीजे के 2 दिन बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या हुई थी, CM ने ये सीट छोड़ी

Next

NDA के 3 सहयोगी दलों ने UCC का समर्थन किया:बिहार में JDU का विरोध; शाह बोले थे- 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होगा

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हाल की खबरें

  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme