रामलला के पुजारियों को दाढ़ी-मूंछ और बाल रखने होंगे:या फिर क्लीन सेव रहेंगे, नियम तोड़ा तो शुद्धिकरण; पढ़िए नई गाइडलाइन में क्या खास
अयोध्या में राम मंदिर के पुजारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि पुजारियों को बाल, दाढ़ी, मूंछ और शिखा रखने होंगे या फिर पूरी तरह क्लीन शेव रहेंगे। इतना ही नहीं, तिलक लगाना अनिवार्य होगा। रोज पीले रंग के कपड़े पहनने होंगे। शौच के बाद बिना स्नान मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। नियम टूटने पर गाय के दूध, घी और दही से शुद्धिकरण किया जाएगा। राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने दैनिक भास्कर को नई गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने बताया- 12 सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति की बैठक हुई थी। इसमें सभी की सहमति से गाइडलाइन जारी की गई। पुजारियों को इसके बारे में बता दिया गया है। सभी को नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। पुजारी गर्भगृह में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे गाइडलाइन के मुताबिक, पुजारी गर्भगृह में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। उन्हें मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर बयानबाजी से बचना होगा। वॉट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया पर ऐसी कोई बात नहीं करनी है, जिससे राम मंदिर को लेकर लोगों में गलत संदेश जाए। श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करना होगा। पुजारियों को हंसी-मजाक से बचना होगा सेवा के दौरान पुजारियों को अपने निर्धारित स्थान पर रहना होगा। जरूरी काम से स्थान छोड़ना हो तो पहले पाली प्रमुख (शिफ्ट इंचार्ज) को कारण बताकर जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही सेवा स्थान छोड़ सकेंगे। अनावश्यक बातचीत, समूह बनाकर चर्चा और हंसी-मजाक से बचना होगा। किसी घटना पर शांत रहकर उसे संभालने की कोशिश करनी होगी। जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार लोगों से सहयोग और मार्गदर्शन लेना होगा। श्रद्धालुओं से अनावश्यक बातचीत नहीं करनी है, जिससे उनके मन में अर्चकों या राम मंदिर को लेकर गलत धारणा बने। परेशानी हो तो आचार्य जी को बताएं मंदिर की ओर से मिले भोग-प्रसाद के अलावा बाहर की कोई चीज गर्भगृह में नहीं ले जा सकेंगे। किसी पर बेवजह टिप्पणी या अपना अधिकार जताने से बचना होगा। परेशानी या असंतुष्टि होने पर आचार्य जी को जानकारी देकर उनका मार्गदर्शन लेना होगा। परिवार या इष्ट-मित्रों के आने पर दर्शन, प्रसाद आदि में मदद आचार्य जी करेंगे या उनके निर्देश पर की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति के लिए इस तरह की विशेष मदद या व्यवहार करने पर संबंधित पुजारी खुद जिम्मेदार होंगे। सेवकों को पार्षद (सोना, चांदी और अन्य धातुओं के बर्तन) देने से पहले और स्वच्छता के बाद उनकी गिनती करनी होगी। --------------------- ये खबर भी पढ़िए… रामलला के गर्भगृह में ताजी हवा के लिए खिड़की लगेगी:सेवा में 2 बदलाव- जगाने-सुलाने के लिए भजन गा रहे; अब नए ड्रेस में पुजारी अयोध्या राम मंदिर में बाल रूप में विराजमान रामलला की सेवा, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट में नए लोगों की जिम्मेदारी के साथ अब रामलला की रोज की सेवा को और व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर