Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

दिल्ली SIR- 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा; ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम हटे

By देश | दैनिक भास्कर
September 22, 2026 4 Min Read
Comments Off on दिल्ली SIR- 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा; ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम हटे
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा। कोर्ट ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी यानी रिकॉर्ड में गड़बड़ी के तहत मतदाताओं को नोटिस देने का आधार पूछा। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47 लाख नाम हटाए गए हैं। जबकि करीब 33 लाख ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में बने हुए हैं। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने आयोग से यह जांचने को कहा कि कहीं बिना पर्याप्त जांच के तो नोटिस नहीं भेजे जा रहे। नोटिस में वोटर्स को आपत्ति की सही वजह बताई जा रही है या नहीं। कोर्ट ने चुनाव आयोग को अब तक उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, बिहार और पश्चिम बंगाल SIR मामलों में दिए अंतरिम निर्देशों का पालन करने को कहा। याचिका में मतदाताओं को दिए गए नोटिस पर सवाल कई वोटर्स को नोटिस तो दिए गए, लेकिन उसमें यह साफ नहीं बताया गया कि उनके नाम पर आपत्ति क्यों है। उन्होंने यह भी पूछा कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाताओं को रिकॉर्ड में गड़बड़ी की श्रेणी में किस आधार पर रखा गया है और जवाब देने के लिए उन्हें कौन से दस्तावेज देने होंगे। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि समस्या सिर्फ नोटिसों की संख्या नहीं, बल्कि उसमें दी गई जानकारी की कमी है। मतदाताओं को यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि उन्हें क्या साबित करना है। उन्होंने उम्र के अंतर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र के अंतर को आधार बनाया गया है, तो मतदाता इसका जवाब कैसे देगा, जबकि जरूरी जानकारी वाले दस्तावेज उसके पास हो भी सकते हैं और नहीं भी। भूषण ने कहा कि कई लोगों के पास सीमित दस्तावेज होते हैं और वे मुख्य रूप से आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों पर निर्भर हैं। ऐसे में सवाल है कि एन्यूमरेशन फॉर्म और जरूरी प्रमाण देने के बाद भी उनसे अतिरिक्त जानकारी क्यों मांगी जा रही है। भूषण ने दावा किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 47 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में मतदाताओं को शिफ्टेड यानी दूसरी जगह चले जाने की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मतदाता अपना सही स्टेटस कैसे साबित करेंगे। प्रशांत भूषण ने कहा कि रिटायर्ड जजों और दूसरे लोगों को भी नोटिस मिले हैं। उनके मुताबिक, इससे पता चलता है कि यह मामला अलग-अलग वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रहा है। कोर्ट के चुनाव आयोग से सवाल कोर्ट ने पूछा कि चुनाव आयोग मतदाताओं को नोटिस कैसे तैयार करके भेज रहा है। जस्टिस बागची ने आयोग से यह जांचने को कहा कि कहीं नोटिस बिना पर्याप्त जांच के तो जारी नहीं किए जा रहे। क्या मतदाताओं को नोटिस देने की सही वजह बताई जा रही है। चीफ जस्टिस ने कहा कि चुनाव आयोग को ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ का मतलब और आधार स्पष्ट करना होगा। कोर्ट ने पूछा कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं की मदद के लिए पर्याप्त अधिकारी हैं या नहीं। इस दौरान करीब 30 लाख नोटिस जारी होने की बात सामने आई। चुनाव आयोग ने बताया कि उसने 14 हजार BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर, 1,200 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर तैनात किए हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि BLO को नोटिस का जवाब देने में मतदाताओं की मदद करनी चाहिए। कोर्ट ने सुझाव दिया कि वार्ड कार्यालयों में अधिकारी उपलब्ध कराए जा सकते हैं, ताकि मतदाता सीधे वहां जाकर अपनी समस्या बता सकें। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाताओं की मदद के लिए पहले से ही कैंप लगाए गए हैं। इसके अलावा मदद के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि मतदाताओं को नोटिस का जवाब देने में व्यावहारिक परेशानी हो सकती है। जस्टिस बागची ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग आम तरह की आपत्तियों के लिए मानक जवाब तैयार कर सकता है। इससे अधिकारियों को मतदाताओं को एक जैसी और स्पष्ट जानकारी देने में आसानी होगी। चुनाव आयोग के सुप्रीम कोर्ट में जवाब चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने कहा कि हर नोटिस में कारण बताया गया है। उन्होंने कहा कि मामला याचिकाकर्ताओं के बताए अनुसार इतना गंभीर नहीं है। आयोग ने यह भी बताया कि सत्यापन के लिए बताए गए 12 दस्तावेजों की सूची अंतिम या सीमित सूची नहीं है। चुनाव आयोग ने बताया कि प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर है। आयोग ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो समयसीमा बढ़ाई जा सकती है। आयोग ने कोर्ट को यह भी भरोसा दिया कि तय प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।
Author

देश | दैनिक भास्कर

Follow Me
Other Articles
Previous

दिल्ली SIR- 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा; ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम हटे

Next

DRDO का लेजर हथियार 5km दूर तक ड्रोन गिराएगा:एक साथ कई ड्रोन होंगे निशाने पर; 30kW सिस्टम का ट्रायल पूरा, प्रोडक्शन की तैयारी

हाल की खबरें

  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर
  • भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा:धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme