रिपोर्ट-SIR पर 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई:आयोग बोला- यह सामान्य प्रक्रिया; राहुल ने कहा- वोट चोरी में शामिल, तो नहीं बख्शेंगे
वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने बयान जारी किया है। EC ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की लिखित टिप्पणियां, सुझाव और फैसलों की आंतरिक जांच एक सामान्य प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इस मामले में राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर वोट चोरी को संविधान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि समय आने पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां ज्ञानेश कुमार को भी भेजीं द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आरोप लगाया कि कई फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना लिए गए। आयोग के फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति जताई है। इनमें एक ही दिन चार आपत्तियां दर्ज की गईं। इन आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गईं। कुछ आपत्तियां उन उप चुनाव आयुक्तों को भी भेजी गईं, जो संबंधित काम की निगरानी कर रहे थे। यह विवाद बिहार से जून 2025 में शुरू हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच सामने आया है। SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अखिलेश ने कहा- सुप्रीम कोर्ट नोटिस ले, आप बोली- सुधार जरूरी ज्ञानेश कुमार को हटाने का पुराना मामला अप्रैल 2026 में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस दिया है। इसमें ‘साबित कदाचार’ का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने SIR के दौरान असली वोटर्स के प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी। इससे पहले लोकसभा में भी हटाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इसे खारिज कर दिया था। 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली SIR- 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा। कोर्ट ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी यानी रिकॉर्ड में गड़बड़ी के तहत मतदाताओं को नोटिस देने का आधार पूछा। पूरी खबर पढ़ें…