Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री बोले- शंख में जानवर की हड्‌डी:बद्रीनाथ में डीजे कॉन्सर्ट पर कहा- यहां संगीत बैन नहीं है, वो सांस्कृतिक प्रोग्राम था

By देश | दैनिक भास्कर
September 28, 2026 6 Min Read
Comments Off on उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री बोले- शंख में जानवर की हड्‌डी:बद्रीनाथ में डीजे कॉन्सर्ट पर कहा- यहां संगीत बैन नहीं है, वो सांस्कृतिक प्रोग्राम था
बद्रीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को हुए देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल में डीजे का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ है। शंख और संगीत को लेकर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। महाराज ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं होता, जबकि धाम में संगीत और वाद्य यंत्रों की परंपरा पर कोई रोक नहीं है। शंख जानवर की हड्‌डी से बना है। उनके इस बयान के बाद तीर्थ पुरोहितों ने सवाल उठाए हैं। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने शंख को हड्डी से बना बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ अवसरों पर शंख बजाने की परंपरा रही है। साथ ही उन्होंने सतपाल महाराज को शास्त्रों और पुराणों का अध्ययन करने की सलाह दी। पहले जानिए सतपाल महाराज ने क्या-क्या कहा ? मंदिर में नहीं होता शंख का उपयोग: बद्रीनाथ मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि शंख को हड्डी से बना माना जाता है और पूजा में हड्डी के इस्तेमाल से परहेज किया जाता है। हालांकि मंदिर के बाहर शंख बजाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के हाथ में शंख है और भगवान कृष्ण ने भी कुरुक्षेत्र में पांचजन्य शंख बजाया था। कपाट खुलने-बंद होने पर बजता है संगीत: बद्रीनाथ के कपाट खुलने और बंद होने के अवसर पर सैन्य बैगपाइप बैंड भगवान के सामने प्रस्तुति देता है। इसके अलावा उर्वशी पीठ में गायन और संगीत के कार्यक्रम होते रहे हैं। अलग-अलग सरकारों के दौरान भी वहां सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। माणा में भी संगीत की परंपरा: बद्रीनाथ में संगीत बैन नहीं है। माणा गांव में होने वाले विवाह समारोहों में भी ढोल-दमाऊ बजाए जाते हैं। यक्ष, गंधर्व और किन्नरों को भी संगीत से जोड़ा गया है और संगीत के माध्यम से पूजा-अर्चना की परंपरा रही है। सतपाल महाराज पर भड़के तीर्थ पुरोहित सतपाल महाराज के बयान पर उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने कहा कि सतपाल महाराज का यह कहना कि शंख जानवरों की हड्डी से बना होता है, बेहद हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि, शायद महाराज को उम्र के इस पड़ाव में यह 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ है। घरों के छोटे मंदिर हों, बड़े मंदिर हों, धर्मस्थल हों या तीर्थ स्थल, सनातन परंपरा में शुभ अवसरों और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख बजाने की परंपरा रही है। ऐसे में मंत्री का यह बयान धार्मिक रूप से भी सवाल खड़े करता है। बद्रीनाथ में DJ कॉन्सर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद बद्रीनाथ धाम में सेना के देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 के दौरान तेज म्यूजिक और डीजे पर डांस के वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 19 और 20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुए कार्यक्रम का आयोजन सेना ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की मदद से किया था। कार्यक्रम की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें मंच के सामने लोगों को संगीत पर नाचते देखा गया। इसके बाद सवाल उठा कि बद्रीनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थल के इतने नजदीक तेज आवाज वाला संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए था या नहीं। उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बजाय उसके स्वरूप और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। ज्योतिर्मठ के संतों की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर धार्मिक मर्यादा का सवाल उठाया गया और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई। पूरे मामले में प्रशासन ने क्या कहा? विवाद के बीच चमोली जिला प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान लगाए गए सरकारी स्टॉल प्रशासन की ओर से थे, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों और उनके स्वरूप का चयन सेना की ओर से किया गया था। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर बिना तथ्य जांचे निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील भी की। दरअसल यह आयोजन भारत अमेरिकी सैनिकों के औली में युद्धाभ्यास-2026 के समापन के बाद, 19 और 20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुआ था। जिसका नाम, देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल था। इसका आयोजन भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत किया था। थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के समापन में हिस्सा लिया और सेना, जिला प्रशासन और आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई दी। अब जानिए क्या आरोप लगाए गए आरोप-1: उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कार्यक्रम के स्वरूप और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि बद्रीनाथ की धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर ऐसे आयोजन किए जाने चाहिए। उन्होंने तेज संगीत को धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं बताया। आरोप-2: ज्योतिर्मठ के स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी ने भी कार्यक्रम को धार्मिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। उनके अनुसार बद्रीनाथ के धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजनों का स्वरूप तय होना चाहिए। आरोप-3: कुछ स्थानीय लोगों और संगठनों ने भी सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर कार्यक्रम में डीजे और नृत्य को लेकर आपत्ति जताई। हालांकि, इन आपत्तियों से यह स्वतः साबित नहीं होता कि किसी नियम या कानून का उल्लंघन हुआ है। चमोली DM ने जारी किया नोटिस बद्रीनाथ धाम में आयोजित कार्यक्रम मामले में लगातार सवाल उठने और प्रशासन की फजीहत के बाद चमोली डीएम गौरव कुमार ने गढ़वाल स्काउट के कमांडिंग ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि आपके द्वारा बद्रीनाथ धाम में वृहद कल्चरल फेस्टिवल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें काफी संख्या में भीड़ जुटाई गई। कार्यक्रम में लाउड म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। आप खुद ही जानते होंगे कि बद्रीनाथ धाम धार्मिक आस्था का केन्द्र है। आपके इस तरह के आयोजन किये जाने का क्या औचित्य था। इस कार्यकम के आयोजन के संबंध में क्या आपने कोई परमिशन ली थी। लोक गायिका प्रियंका मेहर ने भी दी परफोर्मेंस कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति भी हुई। कार्यक्रम के दौरान लोगों के डांस करने के वीडियो सामने आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह के तेज संगीत और DJ को लेकर सवाल उठाए। मुरली मनोहर जोशी ने कहा था- बद्रीनाथ को नाच गृह मत बनाइए बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव पर कड़ा ऐतराज जताया था। जोशी ने कहा था कि किसी पवित्र स्थल पर ऐसे संगीत कार्यक्रम की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि पवित्र धाम की सुचिता पर सीधा हमला भी है। मुरली मनोहर जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाकर देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने का आग्रह किया है। इससे पहले साधु-संतों ने भी इस तरह के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है। मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूं कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाएं। मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूंगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाए रखें, हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास मां गंगा का उद्गम है इसे नाच गृह बनाना करोड़ों भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
Author

देश | दैनिक भास्कर

Follow Me
Other Articles
Previous

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस का प्रदर्शन:आगरा में CEC के घर पर कालिख पोती; राजस्थान में पूर्व सीएम गहलोत,कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई

Next

थप्पड़ विवाद- प्रवेश वर्मा की केजरीवाल को चेतावनी:सरकारी काम रोकना बर्दाश्त नहीं करूंगा; राहुल गांधी से कहा- आप रहने दो भाई

हाल की खबरें

  • SIR में छूटे और नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे:चुनाव आयोग 20 राज्यों में विशेष अभियान चलाएगा; महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2 करोड़ नाम कटे हैं
  • ओवैसी बोले- SIR एक तरह से बैकडोर NRC है:सरकार नागरिकता की जांच में यही प्रोसेस अपनाएगी
  • महाराष्ट्र के अमरावती में ट्रक-पिकअप वैन की टक्कर, 7 मौतें:18 घायल; समृद्धि हाईवे पर हादसा, देवी दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे थे लोग
  • महाराष्ट्र के अमरावती में ट्रक-पिकअप वैन की टक्कर, 7 मौतें:18 घायल; समृद्धि हाईवे पर हादसा, देवी दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे थे लोग
  • महात्मा गांधी की 157वीं जयंती आज:पीएम मोदी श्रद्धांजलि देने राजघाट जाएंगे; पिछली बार राहुल नहीं पहुंचे थे

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme