भास्कर अपडेट्स:दिल्ली दंगा केस- हाईकोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 4 जुलाई के आदेश के खिलाफ दोनों की अपील खारिज कर दी। ट्रायल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की पृष्ठभूमि में फरवरी 2020 में हुए दंगों की साजिश से जुड़ा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… गुजरात के आनंद में बस-ट्रक की टक्कर, 5 लोगों की मौत; 5 घायल गुजरात के आनंद जिले में बुधवार सुबह अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रक की टक्कर हो गई। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, प्राइवेट बस ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान दोनों गाड़ी की टक्कर हो गई। बस में 30 से 40 यात्री सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आग लगी, 8 घर और गौशालाएं जलीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के मुंगली गांव में आधी रात एक घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग आसपास के घरों तक फैल गई। हादसे में 8 घर और कुछ गौशालाएं जल गईं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। वारवान में फायर स्टेशन नहीं होने के कारण अनंतनाग के कोकरनाग से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। करीब सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया गया। हादसे में कुछ मवेशियों के मरने की भी सूचना है। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी के स्थानीय नेता की गोली मारकर हत्या महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने शिवसेना यूबीअी नेता प्रदीप पूर्णेकर पर दो गोलियां चलाईं और उनके साथ मारपीट भी की। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पार्टी के एक नेता के मुताबिक, पूर्णेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में ठाणे विभाग प्रमुख थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से फोरेंसिक सबूत जुटाए। पुलिस आसपास के इलाकों और मुख्य सड़कों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। दिल्ली हाईकोर्ट बोला- अवैध हिरासत से रिहाई के बाद सीधे री-अरेस्ट नहीं कर सकते दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अवैध हिरासत के आधार पर रिहा किए गए आरोपी को जांच एजेंसी सीधे दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती। री-अरेस्ट से पहले संबंधित अदालत और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस अरुण भारद्वाज की पीठ ने पॉक्सो मामले में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को गैर-कानूनी ठहराते हुए तत्काल रिहाई का आदेश दिया। आरोपी को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे रिहा करने का निर्देश दिया था। गिरफ्तारी के कारणों में तारीख और समय के साथ घटना का विवरण नहीं दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने 21 अगस्त को एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़कर उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। सत्र अदालत ने 2 दिन की पुलिस हिरासत भी दी। आरोपी ने अनुच्छेद 22 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए री-अरेस्ट को चुनौती दी।