Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू; याचिकाएं खारिज की जाए

By देश | दैनिक भास्कर
August 7, 2026 3 Min Read
Comments Off on केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू; याचिकाएं खारिज की जाए
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू नहीं होता। सरकार ने उन जनहित याचिकाओं (PIL) का विरोध किया है, जिनमें SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने और सरकारी नौकरियों में अधिक न्यायसंगत आरक्षण नीति बनाने की मांग की गई है। केंद्र ने कहा कि याचिकाओं में संविधान के तहत किसी मौलिक अधिकार के उल्लंघन का जिक्र नहीं है। साथ ही, मौजूदा कानून में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि क्रीमी लेयर का नियम SC-ST पर लागू होता है। सरकार के मुताबिक, यह अवधारणा सिर्फ OBC और SEBC आरक्षण से जुड़ी है। याचिका में मांग- संपन्न SC-ST परिवारों को आरक्षण का लाभ न मिले सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 11 अगस्त को रमाशंकर प्रजापति और अन्य की जनहित याचिकाओं पर केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था। याचिका में कहा गया कि अगर किसी SC-ST परिवार का सदस्य पहले ही संवैधानिक या वरिष्ठ सरकारी पद हासिल कर चुका है, तो उसके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इससे आरक्षण का फायदा आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक ज्यादा समान रूप से पहुंच सकेगा। याचिकाकर्ताओं ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उप-श्रेणी (सब-कैटेगरी) बनाकर उन्हें प्रवेश और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की भी मांग की है। केंद्र ने कहा- सिर्फ संसद को SC-ST सूची में बदलाव का अधिकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कहा कि SC और ST की सूची में किसी भी तरह का बदलाव केवल संसद ही कर सकती है। संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के तहत किसी जाति या जनजाति को सूची में शामिल करने या हटाने का अधिकार सिर्फ संसद के पास है। केंद्र ने यह भी कहा कि याचिका स्थापित कानून की अनदेखी करती है। सरकार ने इंदिरा साहनी (मंडल आयोग) मामले का हवाला देते हुए कहा कि SC, ST और OBC की पहचान ऐतिहासिक, सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन के आधार पर होती है, सिर्फ आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं। सरकार बोली- कल्याणकारी योजनाओं में पहले से आय सीमा लागू केंद्र ने कहा कि SC, ST और SEBC के लिए चलाई जा रही अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं में पहले से आय सीमा लागू है, ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन योजनाओं में बदलाव की जरूरत है और इससे गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले लोगों को कैसे फायदा होगा। SC ने पूछा था- IAS अफसरों के बच्चों को आरक्षण क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई में OBC आरक्षण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सवाल उठाया था कि अगर माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं, तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ क्यों मिलना चाहिए? जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा था कि जब शिक्षा और आर्थिक तरक्की से सामाजिक स्थिति बेहतर हो जाती है, तो अगली पीढ़ी को भी लगातार आरक्षण देने की जरूरत पर विचार होना चाहिए। यह टिप्पणी कर्नाटक के एक OBC उम्मीदवार के मामले की सुनवाई के दौरान आई थी, जिसे क्रीमी लेयर में आने के कारण आरक्षण का लाभ नहीं मिला था। पूरी खबर पढ़ें…
Author

देश | दैनिक भास्कर

Follow Me
Other Articles
Previous

हिमाचल-पूर्व CPS के सरकारी बंगले पर हाईकोर्ट सख्त:सरकार ने बिना आवेदन आवास रेगुलर किए, कोर्ट ने जताई नाराजगी; मुख्य सचिव से जवाब तलब

Next

गॉल टेस्ट के लिए भारत की स्पिन पर खास तैयारी:गंभीर ने टूटी-फूटी पिच बनवाई, स्कूली स्पिनरों से कराया बल्लेबाजों का अभ्यास

हाल की खबरें

  • रिजिजू बोले- राहुल के निशाने पर सिर्फ हिंदू क्यों:अल्पसंख्यक महिलाओं की बात क्यों नहीं करते; समाज बांटने के लिए बेटियों को कम न आंकें
  • भास्कर अपडेट्स:दिल्ली- आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के खिलाफ फेसबुक पर कमेंट, आरोपी के घर के बाहर सैकड़ों जुटे
  • महाराष्ट्र पहाड़ हादसा, परिवार बोला- मामला आईफोन का नहीं था:यह सिर्फ अफवाह; घर में पारिवारिक विवाद को लेकर टेंशन में थे सभी
  • राहुल की CM फडणवीस से अपील-आदिवासी छात्रों से मिलें:लेटर लिखा- वे 10 दिन से भूख हड़ताल पर; पुणे में हॉस्टल स्टूडेंट ने बताई थीं समस्याएं
  • दावा-2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ हो सकते हैं:संसदीय समिति के अध्यक्ष ने कहा- संविधान संशोधन और राज्यों की सहमति जरूरी

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme