Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

40 साल बाद बोफोर्स केस बंद:सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका खारिज की, घोटाले के आरोप से राजीव गांधी 1989 का चुनाव हारे थे

By देश | दैनिक भास्कर
August 7, 2026 4 Min Read
Comments Off on 40 साल बाद बोफोर्स केस बंद:सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका खारिज की, घोटाले के आरोप से राजीव गांधी 1989 का चुनाव हारे थे
करीब 40 साल पुराने बोफोर्स घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आखिरी याचिका भी खारिज कर दी। इसके साथ ही अब यह मामला पूरी तरह खत्म हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि अब इस केस में आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने 2005 के दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली अपील भी सुनने से मना कर दिया, जिसमें हिंदुजा ब्रदर्स और बोफोर्स कंपनी को बरी कर दिया गया था। यह मामला 1986 की उस डील से जुड़ा है, जिसमें भारत ने स्वीडन की कंपनी बोफोर्स से 1,437 करोड़ रुपए की तोपें खरीदी थीं। बाद में आरोप लगे कि इस सौदे में कमीशन दिया गया था। घोटाले के आरोप से राजीव गांधी 1989 का चुनाव हार गए थे। क्या था बोफोर्स घोटाला यह मामला 1986 में भारत सरकार और स्वीडन की कंपनी एबी बोफोर्स के बीच हुई 1,437 करोड़ रुपए की तोप खरीद डील से जुड़ा है। 1987 में खुलासा हुआ कि इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित रूप से कमीशन (रिश्वत) दिया गया। इसके बाद यह मामला देश के सबसे बड़े राजनीतिक घोटालों में शामिल हो गया। केस क्यों कमजोर पड़ा बोफोर्स केस लंबे समय तक चर्चा में रहा, लेकिन अदालत में यह टिक नहीं सका। इसकी सबसे बड़ी वजह जांच और सबूतों से जुड़ी खामियां रहीं। ठोस सबूत पेश नहीं हो सके: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2005 के फैसले में कहा कि CBI आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत नहीं दे सकी। आरोप तो लगाए गए, लेकिन उन्हें सीधेतौर पर किसी आरोपी से जोड़ने वाली कड़ी नहीं मिल पाई। विदेशी दस्तावेज प्रमाणित नहीं थे: जांच में CBI को स्वीडन से जो कागज मिले, वे असली नहीं थे और ठीक से सत्यापित भी नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कागजों के आधार पर किसी को आरोपी बनाना सही नहीं है और इससे न्याय प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होता है। आरोप और पैसों के बीच लिंक साबित नहीं हुआ: कमीशन का आरोप था, लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि जो पैसा मिला, वह सीधेतौर पर इस डील से जुड़ा था या किसी आरोपी तक पहुंचा। देरी से केस कमजोर हुआ: जांच और कानूनी प्रक्रिया में सालों की देरी हुई। इससे न सिर्फ सबूत कमजोर पड़े, बल्कि कई अहम गवाह और आरोपी भी समय के साथ उपलब्ध नहीं रहे। इससे केस की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। केस बंद होने से पहले CBI की आखिरी कोशिश सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले तक भी CBI इस मामले में कुछ नई जानकारियां ढूंढने में लगी हुई थी। एजेंसी ने अमेरिका के माइकल हर्शमैन से जुड़ी जानकारी पाने की कोशिश की। हर्शमैन ने 2017 में कहा था कि बोफोर्स डील की जांच को उस समय की सरकार ने प्रभावित किया था और वो खुद इस मामले में मदद करना चाहते थे। लेकिन जब CBI ने उनसे जुड़े कागज और रिकॉर्ड मांगे तो कुछ खास हाथ नहीं लगा। एजेंसी ने इंटरपोल और अमेरिका के अधिकारियों को कई बार चिट्ठियां भी भेजीं, लेकिन वहां से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला। आखिर में CBI को 2025 में कोर्ट के जरिए ‘लेटर रोगेटरी’ भेजकर अमेरिका से मदद मांगनी पड़ी। कोर्ट ने भी माना था कि हर्शमैन के दावों की सच्चाई जानने के लिए विदेश में जांच जरूरी है। जब CBI को किसी केस में विदेश से सबूत चाहिए होते हैं तो एजेंसी अदालत के जरिए दूसरे देश से मदद मांगने के लिए आधिकारिक चिट्ठी भेजती है। CBI पर भी उठे सवाल इस मामले में जांच एजेंसी CBI की भूमिका भी सवालों में रही। बोफोर्स कांड की वजह से इस्तीफा देना पड़ा, कांग्रेस सरकार चली गई राजीव गांधी की अगुआई में 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 404 सीटें जीतीं थीं। उन्होंने 5 साल 32 दिन प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था। वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष मुखर्जी अपनी किताब ‘द डिसरप्टर: हाउ वीपी सिंह शूक इंडिया’ में लिखते हैं कि बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार के आरोप लगे। इसी के चलते राजीव सरकार में रक्षा मंत्री रहे वीपी सिंह ने 12 अप्रैल 1987 को इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के चार दिन बाद 16 अप्रैल 1987 को स्वीडन के रेडियो में खबर चली कि भारत के साथ हुए रक्षा सौदे में घूसखोरी हुई है। स्वीडन की मीडिया ने दावा किया कि डील के लिए एबी बोफोर्स कंपनी ने भारत सरकार के बड़े नेताओं और रक्षा विभाग के अधिकारी को 60 करोड़ की घूस दी है। मीडिया की खबरों के अनुसार राजीव गांधी परिवार के नजदीकी इटली के एक बिजनेसमैन ओत्तावियो क्वात्रोची ने इस मामले में बिचौलिये का रोल निभाया था। उन्होंने दलाली की रकम नेताओं तक भिजवाई थी। आरोप प्रत्यारोप के बीच 1989 के चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस पार्टी की हार हुई।​​​​​​ कारगिल युद्ध में बोफोर्स की अहम भूमिका रही कारगिल युद्ध (1999) में बोफोर्स तोप ने भारतीय सेना को बड़ी बढ़त दिलाई। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में छिपे पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक और लगातार हमले किए गए। इसकी लंबी रैंज और ऊंचाई से फायर करने की क्षमता ने दुश्मन की सप्लाई लाइन तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. कोयला घोटाला में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर केस बंद: सुप्रीम कोर्ट ने CBI क्लोजर को मंजूरी दी; कहा- क्लीन चिट के बाद फिर जांच शुरू हुई थी सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में चल रहा क्रिमिनल केस बंद कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल बाद सीबीआई की 2014 की 2 क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि पूर्व पीएक के खिलाफ करप्शन के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Author

देश | दैनिक भास्कर

Follow Me
Other Articles
Previous

राहुल गांधी बोले- कैप्टन मेरे फेवरेट BJP लीडर:मुस्कुराते हुए अमरिंदर अंकल कहा; पंजाब कांग्रेस में झगड़े के बीच वापसी की अटकलें

Next

नेपाल से बेंगलुरु जा रही बस की ट्रक से टक्कर:महिला की मौत, ड्राइवर केबिन में फंसा; भिंड में ओवरटेक करते वक्त हादसा

हाल की खबरें

  • महाराष्ट्र पहाड़ हादसा, परिवार बोला- मामला आईफोन का नहीं था:यह सिर्फ अफवाह; घर में पारिवारिक विवाद को लेकर टेंशन में थे सभी
  • राहुल की CM फडणवीस से अपील-आदिवासी छात्रों से मिलें:लेटर लिखा- वे 10 दिन से भूख हड़ताल पर; पुणे में हॉस्टल स्टूडेंट ने बताई थीं समस्याएं
  • दावा-2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ हो सकते हैं:संसदीय समिति के अध्यक्ष ने कहा- संविधान संशोधन और राज्यों की सहमति जरूरी
  • कर्नाटक हाईकोर्ट बोला- मायके जाने पति से पूछना जरूरी नहीं:पत्नी को सास-ससुर की देखभाल के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, शादी बराबरी का रिश्ता
  • पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:पुलिस ने रिवॉल्वर अड़ा इंजीनियर उठाया; बाबा रामपाल की किताबें बेचने पर विवाद; पूर्व राजदूत से मांगे नागरिकता के सबूत

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme