केजरीवाल बोले- देश में E20 लागू किया जा रहा है:विरोध करने वालों के कंटेंट तक सोशल मीडिया से हटाए जा रहे
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी आवाज उठाने से रोक रही है। X पर पोस्ट किए गए वीडियो में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की E20 नीति की आलोचना करने वाले कंटेंट सोशल मीडिया से हटाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने वीडियो में एक चुटकुला सुनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की पुलिस के बीच जंगल में छोड़े गए शेर को खोजने की प्रतियोगिता हुई। उन्होंने कहा- ट्रम्प की पुलिस 24 घंटे में शेर को लेकर आ गई और पुतिन की पुलिस एक घंटे में शेर को ले आई। मोदी जी की पुलिस को कई दिन लग गए। तलाशी के दौरान पता चला कि वे एक कुत्ते को पकड़कर बुरी तरह पीट रहे थे और उससे कहलवाने की कोशिश कर रहे थे कि मैं शेर हूं। केजरीवाल ने कहा, "मोदी जी ने देश की यही स्थिति कर दी है। 140 करोड़ लोगों को पीटा जा रहा है और उनसे कहा जा रहा है कि वे कहें- E20 सही है।" उन्होंने सवाल किया, "जो भी E20 के खिलाफ आवाज उठाता है, उसका पेज हटा दिया जाता है, उसका वीडियो डिलीट कर दिया जाता है और उसके खिलाफ FIR दर्ज कर दी जाती है। आप 1.40 करोड़ लोगों की आवाज कैसे दबाएंगे?" AAP ने सरकार से ईंधन पर लोगों को विकल्प देने को कहा AAP ने एथेनॉल मिले ईंधन को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। पार्टी ने कहा है कि ईंधन की गुणवत्ता और वाहनों के साथ उसकी अनुकूलता से जुड़ी जांच के नतीजे सार्वजनिक किए जाने चाहिए। AAP ने यह भी कहा है कि पेट्रोल पंप पर लोगों को ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। इसमें पारंपरिक पेट्रोल लेने का विकल्प भी शामिल होना चाहिए। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया दावों पर दी सफाई पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय सोशल मीडिया पर मिश्रित ईंधन को लेकर किए जा रहे दावों पर लगातार जानकारी दे रहा है। मंत्रालय ने जून में कहा था कि एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक और बिना सबूत वाले दावे फैलाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा था कि इन दावों का मकसद लोगों को भ्रमित करना और गुमराह करना लगता है। उसने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम वैज्ञानिक जांच से प्रमाणित है और सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। 2003 में शुरू हुआ था एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम मंत्रालय के मुताबिक, एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम 2003 में शुरू किया गया था। इसके उद्देश्य कच्चे तेल का आयात घटाना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और पर्यावरण को टिकाऊ बनाना थे। मंत्रालय ने कहा कि तकनीकी तैयारी और संबंधित पक्षों से बातचीत के आधार पर यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। इसके बाद 2023 से 20% एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल यानी E20 को लागू किया गया। मंत्रालय ने कहा कि सरकार तेल कंपनियों, वाहन निर्माताओं, ईंधन जांच एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करके एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के लागू होने की लगातार निगरानी करती है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "E20 पेट्रोल शुरू किए जाने के बाद से एथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन खराब होने या वाहन बंद पड़ने की कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है।"