रांची- CM हाउस जाने वाले रोड पर बैरिकेडिंग, जवान तैनात:आदोलनकारी छात्र 16 अगस्त को कर सकते हैं घेराव; बोले- मांग पूरी होने तक वही बैठेंगे
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अनशन और धरना पर बैठे हुए हैं। 6 छात्र अभी भी भूख हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलन कर रहे छात्र राधे कुमार ने कहा, ‘हमारे प्रदर्शन को 20 दिन हो गए, लेकिन सरकार हमारी नहीं सुन रही है। दुख की बात है कि 2 दिन बाद 15 अगस्त है। हम भी स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते हैं, कि दुर्भाग्य है कि सीएम हमारी मांग को नहीं सुन रहे हैं।’ छात्रों की मांग है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द और मामले की CBI जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र अब अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करना चाहते हैं। इधर, कांके रोड को किले में तब्दील कर दिया गया। बुधवार रात 11 बजे सीएम आवास के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इनमें जिला पुलिस के अलावा जैप-1 और जैप-6 के जवान शामिल हैं। जैप-6 में ट्रेनिंग कर रहे 280 जवानों को भी मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में लगाया गया है। सीएम हाउस जाने वाली सड़क (कांके रोड) पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। स्टूडेंट्स बोले- हमें देवेंद्रनाथ ने मिलने नहीं दिया जा रहा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में गुरुवार को छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई। टीम ने कहा, विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे में देवेंद्रनाथ महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टीम के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें देवेंद्रनाथ महतो से मिलने नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल में इलाजरत दूसरे छात्रों के हालत की भी जानकारी नहीं मिल पा रही। छात्रों ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत कैसी है और वह ठीक हैं या नहीं। छात्रों का कहना है कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने में लगी है। छात्र नेता को सदर अस्पताल में कैदी की तरह रखा गया है। टीम ने मांग की है कि देवेंद्रनाथ महतो को जल्द से जल्द वापस आंदोलन स्थल पर भेजा जाए। पूर्व CM रघुवर दास छात्रों से मिले बुधवार की शाम झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता रघुवर दास छात्रों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा-"अगर एक हफ़्ते के अंदर पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो मैं भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर अनशन पर बैठूंगा। मैं यह विरोध तब तक जारी रखूंगा जब तक यह भरोसा नहीं दिलाया जाता कि झारखंड के छात्रों का भविष्य अब खतरे में नहीं पड़ेगा..." दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं: रघुवर दास
रघुवर दास ने कहा-"मैं हेमंत सोरेन सरकार के अधिकारियों द्वारा हमारे युवाओं और बच्चों का मनोबल तोड़ने और उन्हें अपना आंदोलन खत्म करने के लिए मजबूर करने के लिए अपनाए गए दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है। आपका करियर झारखंड के लोगों से जुड़ा है। झारखंड के टैक्सपेयर्स का पैसा ही आपको आपकी सैलरी और बंगले देता है। इस आंदोलन में दखल देने की कोशिश न करें। वरना, झारखंड के लोग आपके सिस्टम को ईंट-दर-ईंट ढहा देंगे।" छात्र आंदोलन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…