DMK के 59 विधायकों का सरकारी कार लेने से इनकार:उदयनिधि बोले- सरकार कर्ज में, पहले विधायकों की संपत्ति की जांच हो
DMK के 59 विधायकों ने नई कार लेने से मना कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "विजय खुद कह चुके हैं की सरकार कर्ज में है इसलिए हम इस ऑफर को स्वीकार नहीं करेंगे। शुक्रवार को विधानसभा में विजय की कार योजना पर बहस हुई। जिसमें उदयनिधि स्टालिन ने कहा, विधायकों की आर्थिक स्थिति देख कर ही उन्हें कार देनी चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के हर विधायक को सरकारी कार देने का ऐलान किया था। बुधवार को विजय ने किया था ऐलान 19 अगस्त को तमिलनाडु सरकार ने सभी विधायकों को नई सरकारी कार देने का ऐलान किया था। कार के मेन्टेनेन्स और ड्राइवर के खर्च के लिए हर महीने ₹75 हजार भी देने को कहा था। विधानसभा में छिड़ीं बहस विधायकों को कार देने वाली योजना पर विधानसभा में तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने कहा, सीएम ने कहा था कि वे मुफ्त की चीजें देने के खिलाफ हैं। उदयनिधि ने कहा, हम सरकार से अपील करते हैं कि विधायकों को मुफ्त कार देने से पहले उनकी कारों और आर्थिक स्थिति की जांच की जाए। टीवीके (TVK) मंत्री आधव अर्जुन ने जवाब देते हुए कहा, मुख्यमंत्री सभी विधायकों को समान मानते हैं। वीसीके (VCK) और कम्युनिस्ट पार्टी के कई विधायक आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उनके लिए कार लग्जरी नहीं, बल्कि एक बुनियादी जरूरत है। कई विधायकों के पास घर और कार नहीं है। टीवीके (TVK) का रुख साफ है, जिनके पास कार है, वे सरकारी गाड़ी के लिए आवेदन नहीं करेंगे। खबर अपडेट हो रही है..