Skip to content
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

Poltix Insight Poltix Insight Poltix Insight

तथ्य, विश्लेषण और भरोसा

  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • भारत
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • फाइनेंस
  • खेल
  • विज्ञान-टेक्नोलॉजी
  • सोशल
  • मत एवं विश्लेषण
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Uncategorized

सुप्रीम कोर्ट बोला-धार्मिक वजह से वंदेमातरम न गाना अपराध नहीं:याचिकाकर्ता बोला- इसमें हिंदू देवताओं का जिक्र; कानून पर केंद्र से जवाब मांगा

By poltix_INS_admin
September 22, 2026 3 Min Read
0

वंदे मातरम गीत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, ‘धार्मिक कारणों से राष्ट्रगीत न गाने वाले व्यक्ति को आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए।’ कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा। कोर्ट ने यह जांचने पर सहमति दी कि वंदे मातरम न गाने को दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है या नहीं। कोर्ट ने यह तय करने से इनकार किया कि राष्ट्रगीत केवल दो अंतरों तक सीमित रहेगा या छह अंतरों तक होगा। कानून में वंदे मातरम के गायन को रोकने या गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय बनाया गया है। यह सुनवाई गायक टीएम कृष्णा की ओर से वंदे मातरम से जुड़े प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि अंतिम चार पैरा हिंदू देवताओं के प्रति भक्ति का आह्वान करते हैं। इन पैराग्राफ को गाना अनिवार्य बनाना देश के धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन है। वंदे मातरम को इस कानून के दायरे में लाने वाला संशोधन 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा ने बिल पास किया था। इसके बाद 47 दिन पहले 6 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून बना। बिजो इमैनुअल केस: 3 छात्रों ने राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वंदे मातरम से जुड़े कानून की व्याख्या करते समय 1986 के ‘बिजो इमैनुअल’ फैसले में तय सिद्धांतों को लागू किया जाएगा। दरअसल, 1986 के बिजो इमैनुअल बनाम केरल सरकार मामले में तीन छात्रों ने धार्मिक विश्वास के कारण राष्ट्रगान नहीं गाया था। हालांकि वे राष्ट्रगान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़े रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई को रद्द करते हुए कहा था कि केवल राष्ट्रगान न गाने के आधार पर उन्हें दंडित नहीं किया जा सकता। ‘नक्सली’ शब्द पर सॉलिसिटर जनरल और मुरलीधर में बहस सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कृष्णा के वकील सीनियर एडवोकेट डॉ एस मुरलीधर के बीच तीखी बहस भी हुई। संविधान के तहत निर्णय लेने की प्रक्रिया पर मुरलीधर की दलील के जवाब में मेहता ने ‘नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आतंकवादी होने का आरोप हो, तब भी संविधान के तहत उसके अधिकार बने रहते हैं। 2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ बनाया। इस कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ के पूरे 6 छंद गाए गए। केंद्र का आदेश- पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन होगा गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम और अंत में जन गण मन रहेगा। —————- ये खबर भी पढ़ें कर्नाटक विधानसभा में BJP विधायकों ने पूरा वंदे मातरम गाया, 2 पैरा के बाद रोक दिया गया था कर्नाटक विधानसभा के 3 दिन के स्पेशल सेशन के पहले दिन सोमवार को वंदे मातरम को लेकर विवाद हो गया। विधानसभा में वंदे मातरम की रिकॉर्डिंग सिर्फ दो पैराग्राफ के बाद रोक दी गई। इसके बाद भाजपा विधायकों ने विरोध किया और बाकी के 4 पैरा खुद गाए। विधान परिषद में भी भाजपा सदस्यों ने पूरा गीत गाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्नाटक सरकार ने सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट से जुड़ी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। पूरी खबर पढ़ें

Author

poltix_INS_admin

Follow Me
Other Articles
Previous

‘धार्मिक वजह से वंदे मातरम न गाना अपराध नहीं’:सुप्रीम कोर्ट बोला- आपराधिक कार्रवाई नहीं हो; 47 दिन पहले बने कानून पर केंद्र से जवाब मांगा

Next

बंगाल में मछुआरों ने हाथी के डूबते बच्चे को बचाया,VIDEO:नाव पर आते ही बचाने वाले से लिपटा, हथिनी मां ने बच्चे को दुलारा

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हाल की खबरें

  • SIR में छूटे और नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे:चुनाव आयोग 20 राज्यों में विशेष अभियान चलाएगा; महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2 करोड़ नाम कटे हैं
  • ओवैसी बोले- SIR एक तरह से बैकडोर NRC है:सरकार नागरिकता की जांच में यही प्रोसेस अपनाएगी
  • महाराष्ट्र के अमरावती में ट्रक-पिकअप वैन की टक्कर, 7 मौतें:18 घायल; समृद्धि हाईवे पर हादसा, देवी दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे थे लोग
  • महाराष्ट्र के अमरावती में ट्रक-पिकअप वैन की टक्कर, 7 मौतें:18 घायल; समृद्धि हाईवे पर हादसा, देवी दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे थे लोग
  • महात्मा गांधी की 157वीं जयंती आज:पीएम मोदी श्रद्धांजलि देने राजघाट जाएंगे; पिछली बार राहुल नहीं पहुंचे थे

हाल की टिप्पणियाँ

No comments to show.

समाचार संग्रह

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026

श्रेणियाँ

  • Uncategorized
  • खेल

Contact Us:

Address:
267/463 SEC-26, PRATAP NAGAR,
SANGANER, JAIPUR,
RAJASTHAN - 302033

Phone: +91 99296 80280
Email: info@poltixinsight.com

About US:

Poltix Insight is an independent digital news platform delivering accurate, unbiased coverage of Indian politics, governance, elections, economy, and current affairs with reliable reporting and in-depth analysis.

Copyright 2026 — Poltix Insight. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme