मध्य प्रदेश में 30 जून 2026 तक रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 17 लाख 71 हजार 132 रह गई है। सरकार का दावा है कि महज 6 महीने में 8 लाख बेरोजगार कम हो गए, जबकि इसी सरकार ने 2025 में 25 लाख 95 हजार बेरोजगार होने की जानकारी दी थी। अचानक 6 महीने में 8 लाख बेरोजगार कम बताने पर सवाल उठ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने सरकार के विधानसभा में दिए दोनों जवाबों और रोजगार पोर्टल के आंकड़ों की पड़ताल की। इसमें रीवा, सागर, जबलपुर, सतना और छिंदवाड़ा सबसे ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार वाले जिले मिले। रीवा सबसे टॉप पर है, जबकि पांढुर्णा में सबसे कम पंजीकृत बेरोजगार हैं। सबसे ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार वाले जिलों में डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का रीवा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और राकेश सिंह का सागर भी शामिल है। वहीं, रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के जिले राजगढ़ में भी 50 हजार से ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार हैं। वर्गवार आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक ओबीसी वर्ग के 10 लाख से ज्यादा, सामान्य वर्ग के 6.51 लाख, एससी के 4.70 लाख और एसटी के 4.18 लाख युवा रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत थे। हालांकि सरकार ने यह नहीं बताया कि 6 महीने में किस वर्ग के कितने पंजीकृत बेरोजगार कम हुए। इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए कहां कितने बेरोजगार ? कांग्रेस विधायक के सवाल पर सरकार का जवाब दरअसल, कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने विधानसभा में राज्य सरकार से पूछा था कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने और ‘हर हाथ को काम’ उपलब्ध कराने के लिए क्या योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने निजी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और विभागीय सचिव स्तर पर बनी रोजगार योजनाओं की पिछले 5 साल की स्थिति भी पूछी। इसके अलावा उन्होंने एमपी रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं की संख्या, रोजगार मेलों पर हुए खर्च और उनके जरिए स्थायी रोजगार पाने वाले युवाओं का ब्योरा भी मांगा। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने दिया यह जवाब इसके जवाब में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने बताया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जॉब फेयर योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बैठकों में लिए गए निर्णयों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। मंत्री ने विधानसभा को बताया कि 30 जून 2026 की स्थिति में एमपी रोजगार पोर्टल पर 17 लाख 71 हजार 132 आकांक्षी युवा (पंजीकृत बेरोजगार) दर्ज हैं। 6 महीने में 25.95 लाख से 17.71 लाख पर पहुंचा आंकड़ा सरकार के दो विधानसभा जवाबों की तुलना करने पर पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया है। फरवरी 2026 के बजट सत्र में विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में इसी विभाग के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने 31 दिसंबर 2025 तक रोजगार पोर्टल पर 25 लाख 95 हजार 680 पंजीकृत बेरोजगार होने की जानकारी दी थी। अब 30 जून 2026 की स्थिति में यही संख्या 17 लाख 71 हजार 132 बताई गई है। यानी छह महीने में 8 लाख 24 हजार 548 पंजीकृत बेरोजगार कम दर्ज किए गए हैं। अब ग्राफिक्स के जरिए जानिए कहां कितने बेरोजगार ……………………………………….. ये खबर भी पढ़ें… UCC विधेयक सदन में पेश, चर्चा कल मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 पेश कर दिया। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस पर कल चर्चा कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। उधर, विधानसभा का घेराव करने निकले ओबीसी महासभा के सदस्यों को भोपाल पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर रोक लिया। पढ़ें पूरी खबर…
