ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में पैराफील्ड एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक विमान हैंगर से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में पायलट समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक विमान एयरपोर्ट परिसर में मौजूद हैंगर 54 से टकरा गया। टक्कर के बाद वहां आग लग गई। चीफ इंस्पेक्टर एंड्रयू मैकक्रैकन ने बताया कि हादसे का शिकार विमान ट्विन-इंजन डायमंड DA42 था। हादसे में पायलट और एक यात्री की मौत हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। टक्कर और आग लगने की वजह से कुल 11 लोग घायल हुए हैं। कुछ लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। हादसे के बाद हैंगर से उठता काला धुआं आसपास के इलाके में फैल गया। मेट्रोपॉलिटन फायर सर्विस ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। ऑस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय युवक पर मां-बेटी पर हमले का आरोप, 3 साल की बच्ची को काटा अमेरिका के टेक्सास राज्य में 24 वर्षीय भारतीय युवक पर एक महिला और उसकी 3 साल की बच्ची पर हमला करने का आरोप लगा है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को काटा, जिससे उसके दो दांत टूट गए। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) के अनुसार, घटना सैन एंटोनियो के एक पार्क में हुई। आरोपी की पहचान अथर्व व्यास के रूप में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने पहले महिला गैब्रिएला पेरेज के बाल पकड़कर उन्हें घसीटा। इस दौरान उनकी गोद में मौजूद 3 साल की बच्ची नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपी ने बच्ची पर भी हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक बच्ची को काटने के निशान मिले हैं और उसके दो दांत टूट गए। उसके चेहरे और शरीर पर चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना के दिन 18 अप्रैल को ही अथर्व व्यास को गिरफ्तार कर लिया गया था। ICE ने कहा है कि स्थानीय पुलिस की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को एजेंसी के हवाले करने के लिए डिटेनर जारी किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अथर्व व्यास 2023 में स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आया था। अमेरिका पहुंचने के तीन महीने के भीतर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास कैंपस में उस पर फेलोनी असॉल्ट का मामला दर्ज हुआ था। उसका F-1 वीजा 2025 में रद्द कर दिया गया था। अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प की लोकप्रियता सबसे ज्यादा घटी, सिर्फ 34% लोग काम से खुश अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ युद्ध का असर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता पर दिख रहा है। रॉयटर्स-इप्सोस के ताजा सर्वे के मुताबिक केवल 34% अमेरिकी उनके काम से संतुष्ट हैं। यह उनके मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। जनवरी 2025 में पद संभालते समय उन्हें 47% लोगों का समर्थन मिला था। इसके बाद यह लगातार घटता गया। महंगाई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बन रही है। सर्वे में सिर्फ 22% लोगों ने कहा कि वे बढ़ती कीमतों को संभालने के तरीके से खुश हैं। पेट्रोल की कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध के बाद ईंधन 40% से ज्यादा महंगा हो गया, जिसका असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है। अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रम्प की रेटिंग 27% रह गई है, जो उनके पहले कार्यकाल से कम है। ईरान के साथ संघर्ष पर 34% लोग उनका समर्थन कर रहे हैं। रिपब्लिकन समर्थक अब भी उनके साथ हैं लेकिन पार्टी के भीतर महंगाई को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। निर्दलीय वोटरों का झुकाव अब डेमोक्रेट्स की ओर नजर आ रहा है, जो आने वाले चुनावों में अहम साबित हो सकता है। अमेरिका 250वीं वर्षगांठ पर ट्रम्प की तस्वीर वाले पासपोर्ट जारी करेगा, इस गर्मियों से शुरुआत अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले विशेष पासपोर्ट जारी करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को बताया कि सीमित संख्या में नए डिजाइन वाले अमेरिकी पासपोर्ट इस गर्मियों से जारी किए जाएंगे। अधिकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन पासपोर्ट एजेंसी से इन पासपोर्ट्स की शुरुआत होगी। वहां व्यक्तिगत रूप से पासपोर्ट रिन्यू कराने वालों को यही डिफॉल्ट पासपोर्ट मिलेगा। हालांकि, ऑनलाइन आवेदन करने वालों और अन्य केंद्रों पर मौजूदा डिजाइन जारी रहेगा। पासपोर्ट के मॉकअप के अनुसार, अंदरूनी कवर पर ट्रम्प की तस्वीर और गोल्ड रंग में उनके हस्ताक्षर होंगे। पीछे के कवर पर जॉन ट्रंबुल की प्रसिद्ध पेंटिंग ‘डिक्लरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ का चित्र दिया जाएगा। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि नए पासपोर्ट में विशेष आर्टवर्क और बेहतर इमेजरी होगी, लेकिन मौजूदा सुरक्षा फीचर बरकरार रहेंगे। इससे पहले अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए ट्रम्प की तस्वीर वाले नेशनल पार्क पास और स्मारक सिक्के भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ऐसे विशेष पासपोर्ट कितनी संख्या में जारी किए जाएंगे। पिघलती डिजाइन वाली कार्टियर क्रैश वॉच बनी सेलिब्रिटीज की पसंद फ्रेंच लग्जरी ब्रांड कार्टियर की दुर्लभ क्रैश घड़ी ने नीलामी में नया रिकॉर्ड बनाया है। सॉथबेस की हांगकांग नीलामी में यह घड़ी करीब 20 लाख डॉलर में बिकी। इसे नीलामी में बिकने वाली अब तक की सबसे महंगी कार्टियर कलाई घड़ी बताया जा रहा है। कार्टियर क्रैश अपनी अनोखी डिजाइन के कारण दुनियाभर में मशहूर है। इसकी आकृति टेढ़ी-मेढ़ी और पिघलती हुई दिखाई देती है, जो स्पेनिश कलाकार सल्वाडोर डाली की प्रसिद्ध ‘मेल्टिंग क्लॉक’ शैली जैसी लगती है। इस मॉडल को पहली बार 1967 में लंदन में पेश किया गया था। शुरुआत में इसकी डिजाइन को काफी अलग माना गया और यह तुरंत लोकप्रिय नहीं हो सकी। हालांकि समय के साथ यह कलेक्टर्स के बीच बेहद खास बन गई। क्रैश घड़ी की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त उछाल आया है। 2021 में इसका एक मॉडल 10.2 लाख डॉलर में बिका था, जबकि 1967 का मूल मॉडल 16.5 लाख डॉलर में नीलाम हुआ था। अब ताजा नीलामी में इसने करीब 20 लाख डॉलर का रिकॉर्ड बना दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी सीमित उपलब्धता और सेलिब्रिटी लोकप्रियता इसकी कीमत बढ़ने की बड़ी वजह है। लग्जरी वॉच बाजार में कार्टियर क्रैश अब सिर्फ घड़ी नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल और कलेक्टर आइटम बन चुकी है। श्रीलंका एयरपोर्ट पर 22 बौद्ध भिक्षु 110 किलो से ज्यादा गांजा ला जाते गिरफ्तार श्रीलंका के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 22 बौद्ध भिक्षुओं को 110 किलो से ज्यादा गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने इसे एयरपोर्ट पर अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती बताया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी भिक्षु थाईलैंड से लौट रहे थे। जांच के दौरान उनके सूटकेसों से पांच-पांच किलो से ज्यादा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि ड्रग्स को सूटकेस के अंदर खास तरीके से बनाए गए फॉल्स बॉटम में छिपाया गया था। यह कार्रवाई खुफिया सूचना मिलने के बाद की गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जब्त मादक पदार्थों की कीमत 34.5 लाख डॉलर यानी करीब 1.1 अरब श्रीलंकाई रुपये आंकी गई है। स्थानीय मीडिया का कहना है कि यह पहला मामला है, जब बौद्ध भिक्षुओं को एयरपोर्ट पर अवैध ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है। श्रीलंका पुलिस की नारकोटिक्स ब्यूरो इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस तस्करी का संबंध देश के भीतर सक्रिय ड्रग गिरोहों से है। सभी आरोपियों को आगे की सुनवाई और जांच के लिए नेगोम्बो मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा। EU में रेप कानून बदलने की पहल: बिना सहमति सेक्स को रेप मानने की मांग यूरोपीय संसद ने बिना स्पष्ट सहमति के यौन संबंध को रेप मानने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को भारी बहुमत से पारित प्रस्ताव में EU सदस्य देशों से “हां का मतलब हां” मॉडल अपनाने की अपील की गई। इस मॉडल के तहत केवल चुप्पी या विरोध न करना सहमति नहीं माना जाएगा। कानून यह देखेगा कि क्या संबंधित व्यक्ति ने स्पष्ट और स्वेच्छा से यौन संबंध के लिए हामी भरी थी। प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सो रहा हो, नशे में हो, डर के कारण जड़ हो गया हो या दबाव में हो, तो उसकी सहमति मान्य नहीं मानी जानी चाहिए। फिलहाल यूरोप के कई देशों में रेप कानून ऐसे हैं, जिनमें हिंसा, धमकी या जबरदस्ती साबित करना जरूरी होता है। महिला अधिकार संगठनों का कहना है कि इससे कई आरोपी सजा से बच जाते हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, यूरोपीय संघ के 27 में से 21 देशों ने सहमति आधारित रेप कानून अपना लिए हैं, जबकि कुछ देशों में अब भी पुराने नियम लागू हैं। अक्टूबर 2025 में फ्रांस ने भी कानून बदलकर बिना सहमति यौन संबंध को रेप की स्पष्ट परिभाषा में शामिल किया था। हालांकि, यूरोपीय संसद का यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं है। इसे आगे विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा, जिस पर EU सदस्य देश फैसला करेंगे। महिला अधिकार समूहों ने इसे रेप संस्कृति के खिलाफ अहम कदम बताया है। बेटे को कैंसर होने का झूठ बोलकर चंदा जुटा कर लग्जरी लाइफ जीती मां को 4 साल 3 महीने की जेल ऑस्ट्रेलिया में अपने 6 साल के बेटे को कैंसर पीड़ित बताकर लोगों से दान जुटाने और उस पैसे का उपयोग लग्जरी जिंदगी जीने वाली महिला को अदालत ने चार साल तीन महीने जेल की सजा सुनाई है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की जिला अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए महिला के कृत्य को क्रूर, सुनियोजित और छलपूर्ण बताया। कानूनी कारणों से महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अदालत में बताया गया कि महिला ने बेटे का सिर और भौंहें मुंडवा दीं, सिर और हाथों पर पट्टियां बांधीं और लोगों को यह विश्वास दिलाया कि बच्चा कैंसर से जूझ रहा है। महिला ने बेटे के एक हादसे के बाद परिवार, दोस्तों और स्कूल समुदाय से कहा था कि उसे आंख का कैंसर है। उसने बच्चे को व्हीलचेयर पर बैठाया, उसकी गतिविधियां सीमित कीं और दवाएं भी दीं, ताकि बीमारी असली लगे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक महिला ने बेटे का इस्तेमाल लोगों को धोखा देने के लिए किया और जुटाए गए पैसों से ऐशोआराम की जिंदगी जी। महिला के वकील ने कहा कि कोविड महामारी के बाद उसे जुए की लत लग गई थी और आर्थिक तनाव कम करने के लिए उसने ऐसा किया। महिला के पति ने अदालत में कहा कि उसकी पत्नी ने परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी। अदालत ने महिला को चार साल तीन महीने जेल की सजा सुनाई है। वह अगले अप्रैल में पैरोल के लिए आवेदन कर सकेगी। किम जोंग उन ने यूक्रेन में पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को उड़ाने वाले सैनिकों को हीरो कहा उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने रूस की ओर से यूक्रेन युद्ध में लड़ रहे उन सैनिकों की तारीफ की है, जिन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को ग्रेनेड से उड़ा लिया। किम ने ऐसे सैनिकों को हीरो बताते हुए उनकी निष्ठा की सराहना की। सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक, प्योंगयांग में मारे गए सैनिकों की याद में बने स्मारक के उद्घाटन पर किम ने कहा कि जिन्होंने ‘महान सम्मान की रक्षा के लिए बिना हिचक आत्मविस्फोट किया’, वे सच्चे देशभक्त हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी इनाम की उम्मीद के दिया गया यह बलिदान सेना की सर्वोच्च वफादारी का उदाहरण है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि रूस की मदद के लिए कम से कम 15 हजार उत्तर कोरियाई सैनिक भेजे गए हैं। इनमें से 6 हजार से ज्यादा के मारे जाने का अनुमान है। हालांकि, रूस और उत्तर कोरिया ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरियाई सैनिकों को लंबे समय से यह सिखाया जाता है कि दुश्मन के हाथ जिंदा पकड़ा जाना देशद्रोह है। इस साल यूक्रेन में पकड़े गए एक उत्तर कोरियाई युद्धबंदी ने भी कहा था कि बाकी सैनिकों ने खुद को उड़ा लिया, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका। समारोह में रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव और संसद अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन भी मौजूद रहे। जून 2024 में रूस और उत्तर कोरिया के बीच रक्षा सहयोग समझौता हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों के सैन्य संबंध और मजबूत हुए हैं।
