ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बैठक में रूस ने ईरान के प्रति खुला समर्थन जताया। रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि ईरानी जनता साहस और वीरता के साथ अपनी आजादी और संप्रभुता के लिए लड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का संदेश मिला है। अराघची की यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ईरान रूस का समर्थन मजबूत करने में जुटा है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक करेंगे। इसमें ईरान के साथ जारी तनाव, रुकी बातचीत और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू करने के विकल्प पर भी चर्चा हो सकती है। ट्रम्प बोले- ईरान के पास बहुत कम वक्त बचा है ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
