मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज तूफान के बीच डूब गया। शुक्रवार सुबह तक 5 शव बरामद कर लिए गए। 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। जबकि 15 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार क्रूज में 8 से 10 और शव होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन के मुताबिक क्रूज में करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे। हादसा डैम किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। यहां करीब 20 फीट गहराई है। बरगी सिटी CSP अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से फिर रेस्क्यू जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, सेना भी शामिल अंधेरा और बारिश के बीच SDRF टॉर्च की मदद से सर्च ऑपरेशन चला रही है। क्रूज को रस्सियों से बांधकर किनारे लाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। भारतीय सेना की टीम भी रेस्क्यू में जुटी। हैदराबाद से स्पेशल टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रवाना किया गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नदी क्षेत्र को पाटकर क्रूज तक पहुंचने और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। क्रूज 20 फीट गहराई में फंसा जानकारी के अनुसार क्रूज को जेसीबी और नाव की मदद से लगभग 30 मीटर तक खींचा गया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका। अब पोकलेन मशीन और भारी उपकरणों से उसे किनारे लाने का प्रयास जारी है। साथ ही गड्ढा खोदने की तैयारी भी की जा रही है। लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह 10 साल से सेवा में है और सभी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। हादसे की 7 तस्वीरें देखिए… पर्यटन विभाग के अधिकारी बोले- क्रूज 20 साल पुराना पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में एक क्रूज संचालित किया जा रहा है। इसका निर्माण 2006 में किया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। वहीं दूसरा क्रूज खराब है। खमरिया के एक परिवार के 15 लोग थे सवार आयुध निर्माणी खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वह डैम के किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे। कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। कामराज के एक बेटे को बचा लिया गया है। वहीं, कामराज, उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता है। प्रशासन ने जारी की सूची इन लोगों के शव मिले ये लोग लापता इन लोगों को बचाया गया 29 सवार, 15 तैरकर निकले; टार्च की मदद से सर्च ऑपरेशन जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे में कुल 29 लोग सवार थे। इनमें से 15 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारी और रेस्क्यू टीम बड़े टॉर्च की मदद से अंधेरे में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। CSP बोले- 6 शव बरामद किए, 18 को बचाया बरगी शहर के पुलिस अधीक्षक (CSP) अंजुल मिश्रा ने बताया कि 6 शव बरामद किए गए हैं। 18 को सुरक्षित बचा लिया गया। 15 से ज्यादा अब भी लापता हैं। अधिकारी ने बताया कि अचानक आंधी के कारण क्रूज पलटने के समय करीब 35-40 लोग क्रूज पर सवार थे। सीएसपी अंजुल अयक मिश्रा अपनी टीम के साथ बरगी बांध के घाट पर टॉर्च लेकर घूम रहे हैं। उम्मीद है कि पानी की लहरों के बीच कुछ लोग घाट के किनारे भी आ सकते हैं। उनका कहना है की रेस्क्यू लगातार जारी है। CM ने कहा- सरकार हर प्रभावित परिवारों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तेज आंधी-तूफान के कारण हुए बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है। 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। सीएम ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जा रही है। मंत्री राकेश सिंह कर रहे रेस्क्यू कार्य की निगरानी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। मंत्री ने कहा– फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना और सुरक्षित बचाना है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही कहा कि अंधेरा होने के कारण अभी हताहतों की संख्या पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी, रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पर्यटन मंत्री बोले- 22 लोगों को बचाया पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि 22 लोगों को बचाया गया है। चार के शव मिले हैं। बाकी लापता है। क्रूज नीचे फंस गया है। एनडीआरएफ की टीम क्रूज को बाहर निकालेगी। इसके बाद मृतकों की वास्तविक संख्या पता चलेगी। NGT की रोक के बीच उठे सवाल NGT ने भोपाल के बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) और मध्यप्रदेश की नदियों में डीजल क्रूज व मोटर बोट संचालन पर रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध सितंबर 2023 से प्रभावी है। प्रदूषण और जलचरों को खतरे को देखते हुए केवल इलेक्ट्रिक या पर्यावरण अनुकूल बोट संचालन की अनुमति का प्रावधान है। पर्यावरणविद सुभाष सी. पांडेय ने कहा कि जिन जलस्रोतों का पानी पीने में उपयोग होता है, वहां डीजल क्रूज या बोट संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सख्ती न होने के कारण सरकारी स्तर पर ही ऐसे संचालन किए जा रहे हैं।
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