बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा अब पंजाब में भी बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में है। सोमवार को बंगाल चुनाव का रिजल्ट आने पर PM नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उनके संबोधन से पहले मंच से कार्यकर्ताओं से नारे लगवाए गए- बंगाल में जीत हमारी है, अब पंजाब की बारी है। इससे पहले, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा कि बंगाल के बाद पंजाब में तख्तापलट की बारी है। वहीं पंजाब BJP ने भी सोशल मीडिया (X) पर पोस्टर जारी कर लिखा- बंगाल के बाद पंजाब की बारी, भाजपा की है पूरी तैयारी। भाजपा के उत्साहित नेताओं की बयानबाजी को लेकर AAP सरकार चला रहे CM भगवंत ने पलटवार किया। CM भगवंत मान ने कहा- ये शेखचिल्ली के सपने हैं। पंजाब में BJP को वोट नहीं मिलेंगे। पंजाबी जिस बात पर अड़ गए, उस पर अड़ गए। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया सपोर्टर्स अब पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से 2027 इलेक्शन के लिए पंजाब पर फोकस करने की बात कह रहे हैं। इसी बीच बंगाल में जीत के बाद पंजाब में भाजपा का क्या रुख रहेगा, इस पर दैनिक भास्कर ने 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। उनका कहना था कि BJP ने बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहा दिया। साफ तौर पर अगली बारी पंजाब की ही होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे बंगाल में भाजपा कभी सरकार नहीं बना सकी, उसी तरह पंजाब में अकेले दम पर सत्ता पाना भी भाजपा के लिए किसी सपने से कम नहीं। BJP अब पंजाब में एग्रेसिव ढंग से पॉलिटिक्स करेगी। इससे AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। एक्सपर्ट बंगाल चुनाव का असर कांग्रेस पर भी मान रहे हैं। पढ़िए बंगाल चुनाव रिजल्ट के बाद पंजाब में BJP की रणनीति पर एक्सपर्ट्स ने क्या कहा… 1. बंगाल जीती तो BJP पर भरोसा बढ़ेगा, विधायकों की टूट होगी जालंधर की DAV यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. डॉ. केके रत्तू कहते हैं- BJP बंगाल जीत गई। अब वह पंजाब में भी साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाएगी। BJP के लिए बंगाल की तरह पंजाब भी सियासी कामयाबी की बड़ी पहेली रहा है। ऐसे में अब बंगाल का फॉर्मूला पंजाब में भी लागू होगा। भाजपा की बंगाल जीत के बाद AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। विधायक समझेंगे कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना सकती है तो पंजाब में भी चौंका सकती है। उनका भरोसा बढ़ेगा और टूट के मौके ज्यादा बनेंगे। इसमें AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक उनके बड़े हथियार बन सकते हैं। डॉ. रत्तू इतना जरूर कहते हैं कि अभी ये टूट नहीं होगी। अगर अभी कोई टूटकर गया तो AAP सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। रेड होंगी या फिर केस भी हो सकता है। फिर जमानत के चक्कर या फिर जेल जाना होगा। ऐसा ही AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों के साथ हुआ। इसमें राजिंदर गुप्ता पर रेड हुई, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह की सिक्योरिटी वापस ले ली, संदीप पाठक पर भी FIR की चर्चा है। ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेगा। असली टूट चुनाव आने के 1-2 महीने के पहले होगी। 2. बंगाल के बाद भाजपा पंजाब को सीरियसली लेगी
पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडवोकेट नईम खान कहते हैं- बंगाल में भाजपा जीत गई, इसका इंपैक्ट बिल्कुल पंजाब में दिखेगा। बंगाल के बाद भाजपा पंजाब में भी चौंकाने वाली परफॉर्मेंस दिखा सकती है। ऐसा भी लग रहा है कि पंजाब में RSS भी चुनाव में भाजपा की प्लानिंग को लेकर एक्टिव है। भाजपा पंजाब को बंगाल के बाद रिजल्ट के बाद ज्यादा सीरियस लेगी। अब वह ये मानेगी कि अगर बंगाल फतेह हो सकती है तो पंजाब भी इंपासिबिल नहीं है। इसके लिए भाजपा डेरा फैक्टर की गोटियां भी सेट कर रही है। इसमें डेरा बल्लां हो या ब्सास व डेरा सच्चा सौदा, तीनों जगह भाजपा संपर्क में है। हालांकि, इसका वोट बैंक पर कितना असर होता है, यह कभी सामने नहीं आता, लेकिन एक परसेप्शन जरूर भाजपा बनाने की कोशिश कर रही है। बंगाल चुनाव से बड़ा मैसेज कांग्रेस के लिए भी आ रहा है। यहां सिर्फ BJP और TMC के बीच फाइट दिखी, लेकिन कांग्रेस डबल फिगर के आंकड़े तक नहीं पहुंची। पंजाब में भी अगर भाजपा का वोट शेयर बढ़ा तो कांग्रेस-AAP को डेंट लग सकता है। ऐसा भी संभव है कि 2027 में पंजाब का चुनावी मुकाबले का शोर AAP और BJP के बीच का ज्यादा हो। 3. बंगाल रिजल्ट पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति तय करेगा इस बारे में हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट व पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख से भी बात की। उनका कहना है- बंगाल चुनाव में BJP की जीत पंजाब की चुनावी राजनीति को तय करेगी। भाजपा बंगाल जीत गई, अब 2027 में भाजपा मिशन पंजाब को इनडेप्थ तरीके से लागू करेगी। जो फॉर्मूला बंगाल में कामयाब रहेगा, उसे पंजाब के लिहाज से भी देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर AAP में भी टूट दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि अभी राघव चड्ढा और संदीप पाठक पंजाब को लेकर बहुत एक्टिव नजर नहीं आ रहे। अभी बैकएंड प्लानिंग होगी, फिर भाजपा मैदान में आएगी और पंजाबियों को यकीन दिलाएगी कि बंगाल में लोगों ने भरोसा किया तो इस बार पंजाब को भी भाजपा को मौका देना चाहिए। BJP की बंगाल जीत पर किसने क्या कहा, जानिए जाखड़ बोले- पंजाब भी कुशासन से मुक्त होगा
पंजाब BJP के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि मेरा मानना है कि समझदार लोग बंगाल और पंजाब दोनों जगह रहते हैं। जब बंगाल और पंजाब के बीच तुलना की जाती है, तो वे आमतौर पर कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर होती है, और बंगाल के मामले में, आतंकवाद और गैंगस्टरवाद को लेकर। पंजाब की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, लोग आश्चर्य करते हैं कि यदि बंगाल खुद को कुशासन से मुक्त कर सकता है, तो पंजाब क्यों नहीं? हरियाणा CM बोले- मोदी जी की कई योजनाएं लागू, कर देंगे काम
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लोगों का शोषण किया। आज बंगाल आजाद हो गया है। प्रधानमंत्री की नितियों के कारण बंगाल बच गया है। बंगाल के बाद पंजाब की बारी है। मोदी जी ने कई योजनाएं लागू कर रखी हैं, कर देंगे काम। नायब सैनी सोमवार को निकाय चुनाव को लेकर सोनीपत के राई में पहुंचे थे। यहां उन्होंने भाजपा के मेयर कैंडिडेट राजीव जैन और वार्ड उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। नायब सैनी ने यह भी कहा- पंजाब में आम आदमी पार्टी ने घोषणा की थी कि महिलाओं को एक हजार रुपए हर महीने देंगे। वहां के मुख्यमंत्री को पता तो चलता नहीं। शाम को वो राजी (खुश) हो जाता है, उसे 5 बजे के बाद सारा पिंड मित्रां दा लगदा। CM मान ने कहा- भाजपा पंजाब में किस मुंह से वोट मांगेगी
CM भगवंत मान ने कहा कि बंगाल में BJP आ गई। असम में पहले ही भाजपा थी। पंजाब में अभी तो बदलाव हुआ है। पंजाब को लेकर BJP सोचे ना कि ऐसा कुछ कर लेंगे। हम पंजाबी हैं, जिस बात पर अड़ गए, उस पर अड़ गए। पंजाब का भाजपा ने बहुत नुकसान किया। RDF का पैसा रोक लिया। 700 किसान शहीद कर दिए। हर बात पर हमसे लड़ते हैं। मान ने कहा– कभी कहते हैं तुम्हारी यूनिवर्सिटी छीन लेंगे। कभी कहते हैं चंडीगढ़ हमारा हो जाएगा, उसे अलग कर देंगे। भाखड़ा डैम के पानी को अपना बता रहे हैं, प्रबंधक लगाने की बात करते हैं। उन्होंने कभी पंजाब के हक की बात तो की नहीं, सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूछ लो, बिट्टू भी भाजपा में हैं। किस मुंह से वोट मांगने आएंगे। पब्लिक है सब जानती है। भाजपा के अगला नंबर पंजाब का कहे जाने पर CM भगवंत मान ने कहा कि ये शेखचिल्ली के सपने हैं। किसानों, योद्धाओं, फकीरों और साहित्यकारों की धरती है, पंजाब के लोग ऐसे झांसे में नहीं आते। वह पॉलिटिकली अवेयर हैं और वह परखकर वोट डालते हैं। ऐसे भी उनके पास एक विधायक है और लोकसभा का तो कोई सांसद है ही नहीं।
