यूक्रेन को सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा ब्रिटेन:कीव में बनेगी लंबी दूरी की SCALP मिसाइल; रूस में अंदर तक हमला करने में सक्षम
रूस के खिलाफ जंग में मदद के लिए ब्रिटेन यूक्रेन को अपनी सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा। इससे कीव में ही लंबी दूरी की SCALP क्रूज मिसाइल बनाने का रास्ता साफ होगा। ब्रिटेन में इस मिसाइल को स्टॉर्म शैडो कहा जाता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम सोमवार को अपनी पहली विदेश यात्रा पर यूक्रेन पहुंचे। इसी दौरान मिसाइल तकनीक साझा करने का ऐलान किया गया है। वे राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। फ्रांस और यूक्रेन की योजना है कि इस साल के आखिर तक यूक्रेन में SCALP की उत्पादन लाइन शुरू की जाए। इससे यूक्रेन को मिसाइल की तकनीक समझने और उसे देश में बनाने में मदद मिलेगी। 550 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल SCALP को यूरोपीय हथियार कंपनी एमबीडीए ने बनाया है। यह विमान से दागी जाने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता करीब 550 किलोमीटर है। इसमें करीब 400 किलो का भारी विस्फोटक लगाया जा सकता है। मिसाइल का वजन करीब 1,300 किलो और लंबाई करीब 5.10 मीटर है। इसे पहले से तय किए गए ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया गया है। यह दिन हो या रात और मौसम कैसा भी हो, हमला कर सकती है। विमान से छोड़े जाने के बाद यह मिसाइल जमीन के काफी करीब उड़ते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचती है। इसमें उपग्रह से रास्ता पता करने, इलाके की पहचान करने और गर्मी से लक्ष्य पहचानने वाली तकनीक लगी है। इससे यह दुश्मन के एयर डिफेंस से बचते हुए लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करती है। रूस ने ब्रिटेन को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी ब्रिटेन के इस फैसले पर रूस ने कड़ी नाराजगी जताई है। ब्रिटेन में रूसी दूतावास ने कहा कि ब्रिटेन जानबूझकर यूक्रेन की जंग को और बढ़ा रहा है। दूतावास ने चेतावनी दी कि जंग में ब्रिटेन की भागीदारी जितनी बढ़ेगी, उसे इसकी कीमत उतनी ही ज्यादा चुकानी पड़ेगी। दूसरी तरफ एंडी बर्नहम ने कहा कि उनका देश यूक्रेन के साथ लंबे समय तक खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा ब्रिटेन की सुरक्षा से जुड़ी है। यूक्रेन खुद भी बना रहा लंबी दूरी की मिसाइलें यूक्रेन ने अपनी लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता भी बढ़ाई है। यूक्रेनी कंपनी फायर प्वाइंट ने करीब 3,000 किमी तक मार करने वाली एफपी-5 फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल बनाई है। राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, इस मिसाइल का इस्तेमाल रूस के अंदर करीब 900 किमी दूर एक अहम रॉकेट इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री पर हमला करने के लिए किया गया था। यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की बढ़ती ताकत अब रूस के लिए भी चुनौती बन रही है। अटलांटिक काउंसिल के पीटर डिकिंसन के मुताबिक, रूस का विशाल इलाका, जो कभी उसकी ताकत माना जाता था, अब यूक्रेन के बढ़ते लंबी दूरी के हमलों के कारण उसकी कमजोरी बन रहा है। खबर अपडेट हो रही है….