ईरान-अमेरिका तनाव के चलते खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट का असर अब हज यात्रा पर भी पड़ने लगा है। जेट ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हवाई किराया महंगा हो गया है, जिससे हज यात्रा की लागत बढ़ गई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रत्येक यात्री से 100 अमेरिकी डॉलर (करीब 10 हजार रुपए) अतिरिक्त जमा कराने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान के 4,572 हज यात्रियों को इससे कुल करीब 4.5 करोड़ रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे। यह राशि 15 मई तक जमा करनी होगी, जबकि हज यात्रा पहले ही शुरू हो चुकी है। हज यात्रा 10 दिन पहले ही शुरू हो चुकी है और हाजियों की रवानगी जारी है। खाड़ी संकट से जेट ईंधन महंगा, किराया बढ़ा हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके चलते हवाई किराए में प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी की गई है, जो भारतीय रुपए में करीब 10 हजार रुपए होती है। यह अतिरिक्त राशि 15 मई तक जमा करानी होगी। अंतरराष्ट्रीय किराए में 42 प्रतिशत बढ़ोतरी अप्रैल 2026 में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का औसत राउंड ट्रिप किराया 1097 डॉलर तक पहुंच गया। यह फरवरी के अंत में 774 डॉलर था। इस तरह करीब 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर हज यात्रा पर पड़ा है। राजस्थान के 4572 यात्रियों पर 4.5 करोड़ का असर राजस्थान से इस बार 4772 यात्रियों का चयन हुआ था, जिनमें 4172 सामान्य श्रेणी और 590 यात्री 65 साल से अधिक श्रेणी के हैं। इनमें से 4572 यात्री यात्रा पर जा रहे हैं। प्रति यात्री 10 हजार रुपए की बढ़ोतरी से कुल 4.5 करोड़ रुपए अतिरिक्त जमा कराने होंगे। जयपुर से हज खर्च 3.62 लाख से ज्यादा जयपुर एम्बार्केशन पॉइंट से हज यात्रा का कुल खर्च पहले करीब 3.52 लाख रुपए था। अब 10 हजार रुपए बढ़ने के बाद यह 3.62 लाख रुपए से ज्यादा हो गया है। मुंबई से हज यात्रा सस्ती रहती है, जबकि जयपुर से पहले ही करीब 10 हजार रुपए ज्यादा खर्च आता है क्योंकि दूरी ज्यादा है। अब नई बढ़ोतरी के बाद खर्च और बढ़ गया है। किश्तवार भुगतान की स्थिति
