जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में प्रैक्टिस की। गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले बुधवार को वैभव सूर्यवंशी ने टीम के साथ नेट्स में जमकर पसीना बहाया। उनके साथ कप्तान रियान पराग, यशस्वी जायसवाल सहित अन्य खिलाड़ी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग की तैयारी करते नजर आए। वहीं साउथ के एक सोशल एक्टिविस्ट सी.एम. शिवकुमार नायक ने राजस्थान रॉयल्स पर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को खिलाने पर बाल श्रम (चाइल्ड लेबर) का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में बच्चे को प्रोफेशनल क्रिकेट में उतारना शोषण की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है। कम उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने पर छिड़ी बहस हालांकि इस विवाद के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या क्रिकेट खेलना वास्तव में बाल श्रम की श्रेणी में आता है? भारत के कानून के अनुसार- 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खतरनाक उद्योगों में काम कराने पर प्रतिबंध है। वहीं खेल और प्रतिभा आधारित गतिविधियों को अलग नजरिए से देखा जाता है। 14 से 18 वर्ष के किशोर कुछ शर्तों के साथ गैर-खतरनाक कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं। बशर्तें उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित न हो। बता दें कि बिहार के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा है। एक ओर जहां उनकी प्रतिभा की सराहना हो रही है। वहीं दूसरी ओर कम उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने को लेकर बहस छिड़ गई है। टॉप 4 में है राजस्थान रॉयल्स टीम के प्रदर्शन की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स फिलहाल इंडियन प्रीमियर लीग की प्वाइंट टेबल में टॉप-4 में बनी हुई है। हालांकि जयपुर में खेले गए पिछले दो मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 9 और 19 मई को जयपुर में होने वाले मुकाबले टीम के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर टीम इन मैचों में जीत हासिल करती है तो प्लेऑफ की राह आसान हो सकती है, लेकिन हार की स्थिति में उसकी उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।
