उदयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- जिन स्थानों पर लेपर्ड का आबादी क्षेत्र में मूवमेंट बढ़ रहा है, वहां दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा- उस क्षेत्र में जंगल या सेंचुरी में सबसे पहले तारबंदी कर दी जाए, ताकि इंसानों को सुरक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार दोपहर को उदयपुर के जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने उदयपुर के उपली बड़ी गांव में लेपर्ड के हमले से एक दिन पहले महिला और अब तक दो इंसानों की मौत का मामला उठाया था। विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा- जंगल से आबादी में लेपर्ड का लगातार मूवमेंट बढ़ रहा है। ग्रामीण घबराए हुए हैं। मीणा ने सुझाव दिया कि जिन आबादी के पास लेपर्ड का मूवमेंट है, वहां वन एरिया की दीवारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। मीणा ने कहा- मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीवार की ऊंचाई बढ़ाने से पहले लोगों को राहत देने के लिए तारबंदी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद ऐसी जगह चिन्हिृत कर वहां लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री ने इन बातों पर भी दिया जोर सड़क हादसे में घायलों को जाम से नहीं मिल पाता समय पर इलाज विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा- खैरवाड़ा और ऋषभदेव की तरफ बड़े हादसे होते हैं। तब घायलों को उदयपुर के सरकारी अस्पताल लाने पर शहर में जाम की वजह से घायल को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए बलीचा के आसपास ट्रोमा सेंटर बनाया जाए, ताकि घायलों और मरीजों को जल्द इलाज मिल सके। वहीं उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा- एमबी अस्पताल के विस्तार का जो प्लान बना है, उसके लिए सबसे पहले पशु चिकित्सालय शिफ्ट किया जाए, ताकि यहां जगह मिल सके। जैन ने वेदांता समूह के साथ अस्पताल के विस्तार और विकास का प्लान भी बताया। विधायक जैन ने बताया- सीएम ने आश्वासन दिया है कि इसका प्रस्ताव भेजा जाए। जनता के हित को ध्यान में रखकर सरकार फैसला करेगी। बैठक में शहर के पास होने वाले एक्सीडेंट को लेकर भी बात रखी गई तो अधिकारियों ने प्रोजेक्ट की जानकारी रखी। सीएम ने कहा- जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनके काम तेजी से हों और समय पर पूरे हो जाएं। उन्होंने हर प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी ली। उच्च न्यायालय की खंडपीठ के लिए सीएम से मिले वकील उदयपुर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना को लेकर वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से परिसर में मुलाकात की। इसमें रमेश नंदवाना, रामकृपा शर्मा, मनीष शर्मा, जितेंद्र जैन, महेंद्र मेनारिया, लोकेश गुर्जर आदि शामिल थे। वकीलों ने राज्यसभा सांसद गरासिया से कहा- आप भी उठाते मुद्दा सीएम के जाने के बाद कुछ वकीलों ने राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया के समक्ष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सीएम के सामने आप और जो अन्य जनप्रतिनिधि थे उनको भी इस मुद्दे पर गंभीरता से हमारी बात पर सीएम के समक्ष बोलना चाहिए था। गरासिया जिस लहजे में वकीलों को जवाब दे रहे थे वो वकीलों को अच्छा नहीं लगा। इस बीच उनमें बहस हो गई। इसी दौरान गरासिया ने वकीलों से कहा कि आपका एक व्यक्ति पंजाब में बैठा हुआ है, आप उनको बोलो। इस पर अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के व्यक्ति से भी संपर्क साध लेंगे। उनका इशारा पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की तरफ था।
तस्वीरों में देखें सीएम की यात्रा… सीएम का एयरपोर्ट पर किया स्वागत इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उदयपुर पहुंचे। डबोक एयरपोर्ट पर स्थानीय अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। वहीं भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक में जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, सलूंबर विधायक शांता मीणा, गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती, जिला प्रभारी सचिव टी रविकांत, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, लिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। दोपहर को जिला परिषद में आमजन की आवाजाही की बंद इससे पहले उनकी यात्रा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए यहां जिला परिषद में आमजन की आवाजाही बंद की थी। मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर पुलिस ने कोर्ट चौराहा से कलेक्ट्रेट होकर देहलीगेट चौराहा जाने वाले मुख्य रास्ते को बंद कर दिया था।
