खांडा फलसा थाने के बाहर बुधवार रात को भीतरी शहर निवासी मनीष जोशी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, शुक्रवार रात को दूसरे पक्ष ने भी खांडा फलसा थाने में शिकायत दी है। इससे पहले यहां बड़ी संख्या में लोग जमा भी हुए थे। पुलिस ने मनीष पर हमले के संबंध में मामला दर्ज करने के बाद गुरुवार को सिवांची गेट क्षेत्र में रहने वाले आरोपी तुराब अली (46), साहिल खां (22), सागर खां (25), सरदार खां (40) और अकबर उर्फ अक्की (26) को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार, इन सभी आरोपियों को घटना के बाद पहले शांति भंग करने के आरोप में पकड़ा गया था। वहां से जमानत मिलने के तुरंत बाद इन्हें जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी को शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके अलावा, मामले में सामने आए एक अन्य व्यक्ति इकबाल खां उर्फ इक्कू बा (51) को भी शांति भंग में गिरफ्तार किया गया था, जिसे जमानत मिलने पर पाबंद कर छोड़ दिया गया है। आखलिया चौराहे पर विवाद के बाद थाने के बाहर हुआ था हमला बुधवार (29 अप्रैल) देर रात आखलिया चौराहे पर कार को टक्कर मारने की बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद एक्सीडेंट करके भाग रहे बदमाशों का मनीष जोशी ने पीछा किया और उन्हें सिवांची गेट स्थित खांडा फलसा थाने के बाहर तक आकर रुकवा लिया। इसी दौरान वहां करीब 50 बदमाशों ने लाठियों और लोहे के सरियों से मनीष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में मनीष के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और उसे मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। लापरवाही का आरोप लगने पर एसएचओ पर गिरी थी गाज थाने के ठीक बाहर हुई इतनी बड़ी वारदात के बाद घायल मनीष के पिता ओमप्रकाश जोशी और अन्य परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और थानाधिकारी द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाते हुए देर रात तक हंगामा किया था। परिजनों का आरोप था कि घटना के बाद लंबे समय तक पुलिस ने उनकी रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की और रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक वे थाने के बाहर खड़े रहे। भारी विरोध और नाराजगी के चलते थानाधिकारी बलवंतराम को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
