बूंदी के डाबी-बरड़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। कस्बे के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह के समय चमन चौराहा, लवकुश सर्किल, पावर हाउस, माताजी मंदिर और पटपड़ियां रोड पर 10 से 15 कुत्तों के झुंड सक्रिय रहते हैं। ये कुत्ते पैदल राहगीरों और बाइक सवारों पर झपट्टा मारते हैं, जिससे कई बार वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है और वे गिरकर घायल हो जाते हैं। अपशिष्ट खुले में फेंकने से लगा रहता है कुत्तों का जमावड़ा
स्थानीय निवासी सुरेश धनोपिया ने बताया कि कस्बे में संचालित मीट की दुकानों का अपशिष्ट खुले में फेंका जा रहा है। सिंघेश्वरी माता मंदिर के पास पुलिया और पटपड़ियां रोड पर कचरा डालने से कुत्तों का जमावड़ा लग जाता है। 4-5 दुकानदारों की लापरवाही के कारण यहां रोजाना कुत्तों के झुंड इकट्ठा होते हैं, जो राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 7 बजे पटपड़ियां रोड पर कचरा बीनने वाले कालू उर्फ गब्बा को 10-15 कुत्तों ने घेर लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। छात्राओं में बना हुआ है डर
पटपड़ियां रोड से रोज 40-50 जनजाति बालिका छात्रावास की छात्राएं पैदल गुजरती हैं। कुत्तों के हमलों की इन घटनाओं से छात्राओं और उनके अभिभावकों में भी डर बना हुआ है। करीब एक महीने पहले पराना क्षेत्र में गोपाल गौशाला के पास एक 2 वर्षीय मासूम पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मीट-मांस विक्रेताओं को खुले में अपशिष्ट फेंकने से रोका जाए। साथ ही आवारा और आक्रामक कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।
