चित्तौड़गढ़ में करीब साढ़े तीन साल पुराने हत्या के मामले में अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 के जज विनोद कुमार बैरवा ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा दी है। साथ ही दोनों पर 70-70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला दिसंबर 2022 का है, जब गंगरार इलाके में एक शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों के आधार पर यह फैसला दिया। कुएं में मिला था शव, पहचान बाद में हुई अपर लोक अभियोजक ममता नागर ने बताया कि 5 दिसंबर 2022 को गंगरार के गढ़ बालाजी मंदिर के पीछे पहाड़ी की ढलान पर बने एक कुएं में एक व्यक्ति की लाश मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। शव की हालत खराब थी और उसका सिर धड़ से अलग था। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन बाद में जांच के दौरान उसकी पहचान मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी महेंद्र रायका के रूप में हुई। पहचान उसके हाथ पर लिखे नाम और कपड़ों से की गई। जांच में तीन आरोपी सामने आए पुलिस जांच के दौरान इस मामले में महावीर धोबी, महेंद्र धोबी और मृतक की बहन तनीषा उर्फ तनु के नाम सामने आए। सबूत मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में चालान पेश किया गया। मामले में शांतिलाल नाम के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन अपने बच्चों के साथ गंगरार के भाटखेड़ा गांव में रह रही थी। मृतक महेंद्र ड्राइवरी करता था और अक्सर बाहर रहता था। 16 नवंबर 2022 को वह घर से निकला और उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। फोन बंद हुआ, फिर नहीं मिला कोई सुराग रिपोर्ट में बताया गया कि महेंद्र ने घर से निकलने के बाद अपनी बहन तनु से फोन पर बात की थी। लेकिन अगले दिन से उसका फोन बंद आने लगा और परिवार को उससे संपर्क नहीं हो पाया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। बाद में उसका शव मिलने से मामला साफ हुआ कि यह हत्या का मामला है। तत्कालीन थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने पूरे मामले की जांच कर सबूत जुटाए और आरोपियों को गिरफ्तार किया कर कोर्ट में चालान पेश किया। 33 गवाह और 96 दस्तावेज के बाद फैसला इस केस में कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से लंबी बहस हुई। सुनवाई के दौरान 33 गवाहों के बयान और 96 डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए। सभी सबूतों को देखने के बाद कोर्ट ने महावीर धोबी और महेंद्र धोबी को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने दोनों को उम्र कैद की सजा और जुर्माना सुनाया। वहीं मृतक की बहन तनीषा उर्फ तनु को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। इस फैसले के साथ यह पुराना मामला खत्म हो गया। बॉयफ्रेंड से शादी नहीं करवाई तो भाई का मर्डर करवाया:* गला दबाकर कुएं में फेंका; गर्दन धड़ से हुई अलग, घरवालों को करती रही गुमराह
