टोंक के देवली-उनियारा विधानसभा से भाजपा विधायक राजेंद्र गुर्जर ने कलेक्टर टीना डाबी के सामने रेंजर पंकज शर्मा पर बजरी माफिया का समर्थन करने के आरोप लगाए। विधायक ने कहा- ग्रामीण थोड़ी सी मिट्टी भरकर लाते हैं तो उन पर मुकदमा कर देते हैं। वहीं बजरी से भरे डंपर धड़ल्ले से दिन में निकल रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इस पर रेंजर ने कहा- सर ऐसा नहीं, आप आदेश कर दीजिए मैं जांच करवा लेता हूं। इस पर विधायक भड़क गए और कहा- बजरी से भरे वाहन निकलने के वीडियो हैं, दिखाऊं क्या? कलेक्टर की जनसुनवाई में अवैध बजरी का मुद्दा
दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के ककोड़ पंचायत मुख्यालय पर मंगलवार रात कलेक्टर टीना डाबी की रात्रि चौपाल थी। कलेक्टर लोगों की समस्याएं सुन रही थीं। उनके पास देवली-उनियारा के विधायक राजेंद्र गुर्जर भी बैठे थे। इस दौरान सूंथड़ा निवासी रामसिंह ने कलेक्टर और विधायक से शिकायत करते हुए कहा- मेरे गांव से रात में एक साथ 20-30 डंपर बजरी से भरे निकलते हैं। उनके डर से लोग घरों के बाहर नहीं निकल पाते हैं। यह सुनकर विधायक बोल पड़े कि मैडम ये सब रेंजर की मिलीभगत से हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने कहा- आप चेक करके 5 दिन में रिपोर्ट सब्मिट करें। अब पढ़िए क्या हुई बातचीत…
विधायक गुर्जर- 100-100 टन के सैकड़ों डंपर निकल रहे हैं पूरी सड़क तुड़वा दी। रेंजर- सर ऐसा नहीं, आप आदेश कर दीजिए मैं जांच करवा लेता हूं। विधायक गुर्जर- गांव की सड़कें बनी हुई है हाईवे थोड़ी है, जो बजरी के डंपर निकलवा रहे हो। ग्रामीण मिट्टी भरकर ले जाएं तो वन विभाग की जमीन बता कर मुकदमा दर्ज करवा देते हो। रेंजर- सर, चोरी छिपे चल रहे होंगे। विधायक- दिन के 12 बजे चल रहे है विडियो दिखा दूंगा। इस पर रेंजर ने शिकायतकर्ता रामसिंह से कहा- आप मुझे फोटो भेजिए, मैं कार्रवाई करता हूं। वैसे ऐसा है नहीं… इस बीच विधायक गुर्जर बोलते हैं- ट्यूबवेल खोदने के लिए इन्होंने मना कर दिया और बजरी के डंपर निकलवा रहे हैं। इनकी बात से हम कैसे संतुष्ट हो जाएं। मैंने इनसे कहा था कि देव का स्थान है हमारा, यहां एक ट्यूबवेल लगा देते हैं। जनहित का काम हो जाएगा। तब इन्होंने मुझे मना कर दिया और नियम बता दिए। आप दोहरा मापदंड क्यों कर रहे हैं।
