श्रीगंगानगर में पुलिस की आंखों के सामने ही अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट ने सेंध लगा दी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) सेल में तैनात हवलदार मंगतराम पाकिस्तानी ड्रोन से आई हेरोइन तस्करी में मददगार निकला। जिस समय जिला पुलिस 11 किलो से ज्यादा हेरोइन की बड़ी खेप बरामद कर तस्करों को पकड़ने में जुटी थी, उसी दौरान हवलदार मंगतराम ने पुलिस टीम को गलत जानकारी देकर भटकाने की कोशिश की। जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि वह गिरफ्तार तस्करों में से एक के सीधे संपर्क में भी था। पाकिस्तान से ड्रोन से डाली गई हेरोइन बरामद हुई थी 26 मार्च को रावला थाना क्षेत्र के चक 7-8 एसकेएम की रोही में पाकिस्तानी ड्रोन से डाली गई 10 किलो 830 ग्राम हेरोइन की खेप बरामद हुई थी। इस मामले में जिला पुलिस और CID (IB) की संयुक्त टीम ने हरमेश (धनूर), रणजीत सिंह (चक 2-KND), सोनू सिंह, गुरप्रीत सिंह और कीर्तन सिंह (हजारा रामसिंहवाला, फाजिल्का) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 20 पैकेट हेरोइन मिले। इस पकड़ी गई हेरोइन की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए थी। इसी ऑपरेशन के दौरान रावला क्षेत्र में तैनात पुलिस टीम ने CDR सेल से फोन लोकेशन और कॉल डिटेल्स मांगी। लेकिन हवलदार मंगतराम ने टीम को गलत सूचनाएं देकर भटकाने की कोशिश की, जिससे तस्करों को भागने का मौका मिल सकता था। डेटा एनालिसिस में एक्सपर्ट मंगतराम चूनावढ़ निवासी मंगतराम मजदूर परिवार से है। मंगत 2013 में पुलिस में भर्ती हुआ। पहली पोस्टिंग 2016 में घमूड़वाली थाने में हुई थी। मंगतराम साइबर क्राइम व संगीन मामलों को सुलझाने के एक्सपर्ट हैं। 2019 में श्रीकरणपुर थाने में पोस्टिंग हुई। उस समय एक ब्लाइंड मर्डर का मंगतराम ने 6 दिन में ही खुलासा कर दिया था। मंगतराम की इसी खासियत की वजह से तत्कालीन एसपी आनंद शर्मा ने उसे सीडीआर सेल में लगाया था। बॉर्डर की हर कार्रवाई में शामिल हुआ हैड कांस्टेबल मंगतराम जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पकड़ी गई हेरोइन व हथियार तस्करी की हर बड़ी कार्रवाई में शामिल हुआ था। वह पुलिस को आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण इनपुट देता था। वह ड्रोन के जरिए सीमा पार पाकिस्तान से होने वाली तस्करी को सुलझाने में एक्सपर्ट था और समय-समय पर पुलिस को उसकी जानकारियां देता था। पुलिस सम्मान व गैलंट्री प्रमोशन से हैड कांस्टेबल बना बॉर्डर पर तस्करों को पकड़वाने व महत्वपूर्ण इनपुट देने की कार्रवाई में मंगतराम ने श्रेष्ठ काम किया था। इन्हीं कार्यों के चलते आईजी ओमप्रकाश ने मंगतराम को डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया था। नवंबर 2025 में गैलेंट्री प्रमोशन पर कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल बना। तत्कालीन एडिशनल एसपी दीक्षा कामरा CID SSB ज़ोन, श्रीगंगानगर ने भी मंगतराम को सम्मानित किया था। 35 दिन की गहन जांच के बाद कार्रवाई लगभग 35 दिनों की गहन छानबीन के बाद पुलिस को ठोस सबूत मिले। करीब 10 दिन पहले हवलदार मंगतराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरपीएस रघुवीर शर्मा को सौंपी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर यादव ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया- CDR सेल के हवलदार मंगतराम ने 10 किलो से अधिक हेरोइन वाले मामले में रावला टीम को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में पता चला कि वह पकड़े गए आरोपियों में से एक के संपर्क में भी था। जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के लिए बड़ा झटका यह मामला पूरे राजस्थान पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। एक ओर बीएसएफ, एनसीबी, एसओजी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स समेत तमाम एजेंसियां पाकिस्तानी ड्रोन तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में लगी हैं, वहीं सिंडिकेट ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक अपनी पहुंच बना ली। पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे पहले भी रावला इलाके से कई सफल खेपें पंजाब पहुंचा चुके हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हवलदार मंगतराम अन्य तस्करों के सिंडिकेट से भी जुड़ा था या नहीं। पुलिस के मुताबिक- जांच में अगर हवलदार के तस्करों से और गहरे संबंध सामने आए तो उसे नौकरी से बर्खास्त करने के साथ NDPS एक्ट और अन्य धाराओं में गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
