अलवर में मंगलवार रात एक 70 वर्षीय महिला की सांसें धीमी पड़ गई। परिजनों ने मृत मानकर महिला की बॉडी को चारपाई से उतारकर जमीन पर रख दिया। रिश्तेदारों को भी मौत की सूचना दे दी गई। रातभर परिजन रोते रहे। बुधवार की सुबह अंतिम यात्रा की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसी बीच महिला की बॉडी में हलचल हुई तो परिजन उसे लेकर दौसा जिला हॉस्पिटल पहुंचे। यहां इलाज के बाद महिला की तबीयत में सुधार है और फिलहाल वह स्वस्थ है। मामला अलवर जिले के अजबगढ़ इलाके का है। अंतिम विदाई से पहले चलने लगी सांसें
अजबगढ की रहने वाली चमेली देवी की मंगलवार रात को अचानक तबीयत अचानक बिगड़ी और शरीर में कोई हलचल नहीं रही। काफी देर तक शरीर में कोई मूवमेंट न होने पर परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया। परिजनों ने महिला की बॉडी को चारपाई से उतारकर जमीन पर लिटा दिया। मौत की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए रिश्तेदारों के गांव पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह होते ही शवयात्रा निकालने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान चमेली देवी के पैरों में हलचल हुई तो लोग सन्न रह गए। घटना के बाद परिजन बुजुर्ग महिला को दौसा जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी यूनिट में महिला का इलाज शुरू किया गया। सांस धीमी होने से मृत समझ बैठे परिजन
जिला हॉस्पिटल इमरजेंसी यूनिट के नर्सिंग इंचार्ज महेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि महिला के परिजनों ने उसकी मौत होने और बाद में सांस चलने की जानकारी दी। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। संभवतया धीमी सांस होने से परिजन उसे मृत समझ बैठे थे, लेकिन बाद में मूवमेंट होने पर हॉस्पिटल लेकर आए। फिलहाल महिला की तबीयत में सुधार है।
