जैसलमेर के भणियाणा कस्बे में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे न केवल चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि पुरानी कार्यशैली को दोहराकर पुलिस को चुनौती भी दे रहे हैं। भणियाणा स्थित ‘नयन मोबाइल एवं जनरल स्टोर’ में चोरों ने एक बार फिर फिल्मी अंदाज में छत के रास्ते प्रवेश कर करीब एक लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चोरी का तरीका हूबहू साल 2020 में हुई सेंधमारी से मेल खाता है। घटना के बाद भणियाणा थाना पुलिस ने मौका मुआयना कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। दुकानदार नयन (गोरधन राम) ने बताया कि 4 मई की शाम लगभग 7:30 बजे वे अपने सहयोगी हनीफ खां के साथ दुकान सुरक्षित बंद करके एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ससुराल चले गए थे। उस समय मुख्य काउंटर और गल्ले में कुल मिलाकर लगभग 95,000 से 1,00,000 रुपये मौजूद थे। अगले दिन सुबह दुकान खोलने पर सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन दोपहर 3 बजे जब एक सप्लायर को भुगतान करने के लिए गल्ला खोला गया, तो होश उड़ गए। गल्ले से पूरी नकदी गायब थी। छत के बोल्ट खोलकर बनाया रास्ता पीड़ित ने जब गहनता से जांच की तो पता चला कि चोरों ने दुकान की छत पर लगे टीन शेड के बोल्ट बड़ी चतुराई से खोले और अंदर प्रवेश किया। चोरी के बाद आरोपियों ने चद्दरों को वापस इस तरह ढक दिया कि किसी को शक न हो। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया और 6 मई को लिखित शिकायत सौंपकर अपराधियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। भणियाणा ASI रुगपुरी गोस्वामी ने बताया- हमने दूकान का मौका मुआयना किया है। हम संदिग्धों से पूछताछ कर रहे है और साथ ही जिस पर भी दुकानदार को शक है उनसे भी पूछताछ की जा रही है। 2020 की फाइल फिर खुली: वही दुकान, वही तरीका व्यापारी नयन के अनुसार, उनके प्रतिष्ठान में 21 अगस्त 2020 को भी इसी तरह बड़ी चोरी हुई थी (FIR संख्या 58/2020)। उस समय भी चोरों ने छत के रास्ते ही प्रवेश किया था और नकदी के साथ बड़ी संख्या में सैमसंग, वीवो और रियलमी जैसे ब्रांडेड मोबाइल ले उड़े थे। 6 साल बाद ठीक उसी तरीके से हुई वारदात किसी पेशेवर गिरोह की मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है, जिसे दुकान के ढांचे की पूरी जानकारी है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और वैज्ञानिक टीम बुलाई जाए ताकि सूक्ष्म साक्ष्य जुटाए जा सकें। साथ ही, साल 2020 की वारदात में शामिल अपराधियों के रिकॉर्ड खंगालने की भी अपील की गई है ताकि वर्तमान घटना के संदिग्धों से उनका मिलान किया जा सके।
