करौली जिला मुख्यालय पर पिछले 4 साल से संचालित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को आखिरकार अपना स्थायी भवन मिल गया है। मण्डरायल मार्ग स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर के पीछे बने नए एकेडमिक भवन में बुधवार से कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया।
14.52 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन से अब तक स्थानाभाव की समस्या से जूझ रहे स्टूडेंट्स और स्टाफ को राहत मिली है। राज्य सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में करौली में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद से कॉलेज का संचालन अस्थायी रूप से जिला सामान्य चिकित्सालय परिसर स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर भवन में किया जा रहा था। उसी भवन में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर और कार्यालय संचालित होने के कारण विद्यार्थियों को लंबे समय से जगह की कमी और असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था। स्टूडेंट्स को मिलेगा बेहतर वातावरण
अब मेडिकल कॉलेज परिसर में नए भवन में कक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार, कॉलेज में प्रतिवर्ष 60 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। बुधवार को नए भवन में कक्षाओं के शुभारंभ के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकेश मीना, कॉलेज प्राचार्य कैलाशचंद बैरवा, नर्सिंग ट्यूटर मनीष शर्मा, मनोज शर्मा, हरिमोहन महावर, बनैसिंह मीना और शैलेन्द्र प्रजापति सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। 14.52 करोड़ रुपए हुए खर्च
नर्सिंग कॉलेज भवन एवं छात्रावास निर्माण कार्य पर करीब 14.52 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। टेंडर शर्तों के अनुसार, निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा होना था, लेकिन भूमि आवंटन और बजट संबंधी समस्याओं के चलते इसमें देरी हुई। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (RSRDC) ने करीब 10 दिन पहले एकेडमिक भवन जिला चिकित्सालय प्रशासन को हैंडओवर कर दिया था। बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण भी अंतिम चरण में
परियोजना अधिकारी संगीता मीना ने बताया कि छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है और इसी माह इसे पूरा कर प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। वहीं, पीएमओ डॉ. रामकेश मीना ने कहा कि नए भवन में कक्षाओं के संचालन से विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और अध्ययन का अनुकूल माहौल मिलेगा।
