अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग ने मुख्य वन संरक्षक पी काथिरवेल के निर्देशन में भरतपुर डीएफओ प्रमोद धाकड़ के नेतृत्व और एसीएफ सुरेश चौधरी के सुपरविजन में रेंजर हरभान सिंह की टीम ने कार्रवाई की। जिससे माफिया अपनी महंगी मशीनें और वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। विभाग ने मशीनरी को कब्जे में ले लिया। जांच में सामने आया कि खनन माफिया ने वन भूमि पर अवैध कब्जा कर बाड़ा बना रखा था, जहां खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और उपकरण छिपाकर रखे जाते थे। रेन्जर हरभान सिंह के अनुसार कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 2 हाइड्रा क्रेन, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 5 वारसॉ मशीनें, 5 इलेक्ट्रिक पैनल, एक जनरेटर सेट और 4 कम्प्रेशर जब्त किए। सभी मशीनें अवैध खनन में प्रयुक्त हो रही थीं। विभागीय अधिकारियों ने यह कार्रवाई आगामी दिनों में जारी रखने की बात कही। कार्रवाई से नेटवर्क हुआ उजागर… विभाग की कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आखिर करोड़ों की मशीनरी, हाइड्रा क्रेन, जेनरेटर और कम्प्रेशर जैसी भारी उपकरण वन भूमि पर लंबे समय से कैसे संचालित हो रहे थे? क्या स्थानीय पुलिस, प्रशासन और वन विभाग को इसकी अब तक भनक नहीं थी, या फिर अनदेखी की गई?
