सरकारें डिजिटल क्लासरूम और शिक्षा के अधिकार के दावे कर रही हैं, लेकिन इन दावों की पोल शहर से महज 12 किलोमीटर दूर राउप्रावि केसरसिंह की ढाणी आदर्श चूली के बच्चे खोल रहे हैं। यहां की हकीकत यह है कि 42 डिग्री तापमान और लू के थपेड़ों के बीच 27 बच्चों का भविष्य किसी आधुनिक स्कूल भवन में नहीं, बल्कि एक पेड़ की छांव में सिमटा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि स्कूल के लिए जमीन आवंटित है और भवन निर्माण के लिए 34 लाख 73 हजार 539 रुपए का बजट भी स्वीकृत है, लेकिन 8वीं स्कूल रोज निजी खेत में पेड़ के नीचे लग रही है। 2012 में जहां स्कूल चल रही थी, वहां जमीन लिग्नाइट खनन में चली गई। इसके बाद नजदीक की राउमावि. जाणियों की हौदी में इस स्कूल को मर्ज कर दिया गया। इसके करीब 10 साल बाद 9 दिसंबर 2022 को ग्रामीणों व राजनीतिक प्रयासों से स्कूल फिर से पृथक हुई। तब से यह स्कूल एक पेड़ के नीचे चल रही हैं। 4 महिला शिक्षक है। 50 घरों की आबादी पर स्कूल, पानी का इंतजाम नहीं राउप्रावि. केसर सिंह की ढाणी में 7 पद स्वीकृत हैं। इनमें 4 महिला शि क्षिका मृदुला जोशी, दुर्गा राठौड़, रेखा चौधरी, मंजू बाला हैं। ग्रामीण गोरधनसिंह और भवानीसिंह का कहना है कि बच्चों का पोषाहार भी आसपास के घरों से ही पकाकर लाना पड़ रहा है। 50 घरों की आबादी है। 2024 में 14 बच्चे थे। 2025 में 16 थे। अब 2026 में 27 बच्चों का नामांकन है। शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। सरकारी शिक्षा बदहाल – पेड़ के नीचे लगती है कक्षाएं स्कूल: राउप्रावि. केसरसिंह की ढाणी, यहां स्कूल की घंटी नहीं बजती, क्योंकि 8 क्लास एक पेड़ के नीचे है, पढ़ाने के लिए 4 महिला शिक्षक। बच्चे रोज नजदीक के गोरधनसिंह के घर से पाठशाला का बोर्ड, कुर्सी-टेबल व दरी लेकर आते हैं। पीने के लिए पानी भी बच्चों को घर से लाना पड़ता हैं। स्कूल में 27 बच्चों का नामांकन है। जब स्कूल की छुट्टी होती है तो छोटे-छोटे बच्चे और शिक्षिकाएं पास के घर में रखने के लिए बोर्ड और टेबल उठाकर ले जाते हैं। दूसरे दिन फिर से उसी पेड़ के नीचे सजाते हैं। वर्ष 2022 में डी मर्ज हुई थी स्कूल साल 2012 आरएसएमएम ने लिग्नाइट अवाप्ति के लिए स्कूल को मर्ज करवा दिया। 2022 में ग्रामीणों के संघर्ष के बाद डी-मर्ज कर दिया गया। उसे इमारत नहीं मिली। 2025 में स्कूल के लिए 1 बीघा जमीन भी आवंटित हुई । भवन निर्माण के लिए बाड़मेर लिग्नाइट माइनिंग कंपनी लि. ने 19 जून 2021 को एडीपीसी समग्र शिक्षा बाड़मेर के खाते में 34.73 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। “आरएसएमएम ने 34.73 लाख रुपए दिए थे वो राजकोष में जमा हो गए। भवन विहीन स्कूल का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। अब सरकार से भवन की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू करवा देंगे। 2025 में ही स्कूल के लिए 1 बीघा मिली है।” -कृष्णसिंह महेचा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक।
