प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भर्ती निशा शर्मा को घुटने में गांठ की समस्या थी। ईसीजी व एक्स-रे के लिए इमरजेंसी के पास सेंटर ले जाया गया। इसके बाद वार्ड में ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन परिजनों को जांच के लिए धन्वंतरि भवन की तीसरी मंजिल पर 40 नंबर लैब में भेज दिया गया। यह केस तो महज बानगी है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में ब्लड टेस्ट परिजनों का प्रेशर बढ़ा रहा है। 5 हजार मरीजों की रोज होने वाली 30 हजार से ज्यादा जांचों में से 2 हजार के सैंपल वार्डों से ही लिए जाते हैं। मगर वार्डों के ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर ठप पड़े हैं। सैंपल जमा कराने के लिए वार्डों से परिजनों को दौड़ाया जाता है। धन्वंतरि भवन की तीसरी मंजिल के 40 नंबर कमरे में करीब 100 जांचें होती हैं। इमरजेंसी के कमरा नंबर 1 और 18 में गंभीर मरीजों के सैंपल जांच के लिए आते हैं। चरक भवन, सुपर स्पेशियलिटी और मेन बिल्डिंग में भर्ती मरीजों के परिजनों को 500 मीटर तक भटकना पड़ता है। कई बार सैंपल एकसाथ नहीं लिए जाते तो दिन में 5-6 बार अलग-अलग बिल्डिंगों में चक्कर लगाने पड़ते हैं। धन्वंतरि में लिफ्ट व्यस्त रहती है तो 70 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़कर तीसरी मंजिल जाना पड़ता है। बता दें कि ओपीडी में रोजाना 7-8 हजार मरीज आते हैं और 2 हजार से ज्यादा आईपीडी में भर्ती रहते हैं। इनमें से करीब 5 हजार के ब्लड सैंपल से हर दिन 30 हजार से ज्यादा जांचें होती हैं। बता दें कि वार्डों से ब्लड सैंपल लेने की व्यवस्था करीब 5 साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब ये सेंटर ठप पड़े है। व्यवस्था के अनुसार वार्ड बॉय को सैंपल जमा कराने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।अस्पताल प्रशासन का दावा है कि हर फ्लोर पर काउंटर और 10 से अधिक वार्ड बॉय तैनात हैं। बड़ा सवाल- 6 साल पुरानी सैंपल कलेक्शन व्यवस्था किसके कहने पर बंद हुई? वार्ड बॉय क्या करेंगे? सैंपल जमा कराने परिजनों को क्यों भेज रहे? धन्वंतरि भवन की तीसरी मंजिल पर 40 नंबर काउंटर पर सबसे ज्यादा जांचों के सैंपल जमा होते हैं एचआईवी जांच के लिए भी एकमात्र काउंटर; 250 सैंपल रोजाना आ रहे इमरजेंसी के काउंटर नं. 18 पर सूचना… बूझो तो जानें? इमरजेंसी के एक जांच काउंटर पर लिखी बेहद जरूरी सूचना/निवेदन… गौर फरमाइए। काउंटर नंबर 18 पर यह सूचना हर आम और आम मरीज/परिजन के लिए है। आप पढ़ पाएं या नहीं, मगर जिम्मेदारों ने यह बताया है कि यहां पर कुछ चुनिंदा जांचें ही होती हैं। लाइन में खड़े व्यक्ति को दिखाई ही नहीं देता कि लिखा क्या है? काउंटर पर पहुंचने पर ही पता चलता है कि सिर्फ एबीजी और अमोनिया की जांच के सैंपल ही यहां जमा होते हैं। वार्ड से परिजनों को यह बता दिया जाता है कि फलां सैंपल धन्वंतरि में जमा करवाना है और फलां सैंपल इमरजेंसी के काउंटर में। सवाल यह है कि फिर वार्डों का स्टाफ क्या करेगा? 1. चरक भवन, सुपर स्पेशियलिटी और मेन बिल्डिंग के मरीजों के सैंपल भी धन्वंतरि में जमा हो रहे
2. ऑडियोमेट्री जांच के लिए मरीजों को धन्वंतरि से चरक भवन जाना पड़ता है, यहां 3 महीने तक की वेटिंग
