जयपुर पुलिस ने गबन मामले में बैंक मैनेजर-असिस्टेंट बैंक मैनेजर को शुक्रवार रात अरेस्ट किया है। एसबीआई बैंक से फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर फेक गवर्नमेंट एम्प्लाई बना लोन पास कर 4.20 करोड़ रुपए 37 लोगों को बांट गबन किए। मोतीडूंगरी थाना पुलिस फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- गबन मामले में फरार बैंक मैनेजर बाबूलाल मीना (47) निवासी खिजुरिया ब्राह्मणान बस्सी हाल वीआईटी कॉलेज के पीछे रामनगरिया और असिस्टेंट बैंक मैनेजर आकाश बिलोनिया (34) निवासी सुमेर नगर मुहाना को अरेस्ट किया गया है। जांच में दोनों आरोपियों के खिलाफ सबूत मिलने पर 5 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। एसीपी (गांधी नगर) नारायण कुमार बाजिया के निर्देशन में एसएचओ (मोतीडूंगरी) मोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार रात दबिश देकर दोनों आरोपियों को अरेस्ट किया। 37 FIR कराई गई दर्ज
एसबीआई बैंक के मैनेजर ने आदर्श नगर थाने में 37 FIR दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि कस्टमर ने खुद को गवर्नमेंट एम्पलाई होने के फेक डॉक्यूमेंट से बैंक लोन के लिए आवेदन किया। तत्कालीन बैंक मैनेजर बाबूलाल मीना और असिस्टेंट बैंक मैनेजर आकाश बिलोनिया ने कस्टमरों के फेक डॉक्यूमेंट पर 4.20 करोड़ रुपए लोन पास कर दे दिए। मोतीडूंगरी थाने में अलग-अलग कस्टमर के खिलाफ कुल 37 FIR दर्ज की गई। 5 हजार रुपए का रखा इनाम
एडि.डीसीपी (ईस्ट) आलोक सिंघल के सुपरविजन में मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि साल-2023 में दोनों आरोपी आदर्श नगर 20 दुकान स्थित एसबीआई बैंक ब्रांच में थे। बैंक मैनेजर एवं असिस्टेंट बैंक मैनेजर की ओर से आपराधिक गिरोह से मिली भगत कर एसबीआई बैंक से 4.20 करोड़ का गबन किया। आरोपियों की ओर से फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर फेक गवर्नमेंट एम्पलाई के डॉक्यूमेंट तैयार कर एसबीआई बैंक के साथ धोखाधड़ी की।
