राजस्थान पुलिस के सीनियर IPS ऑफिसर पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाया है। महिला ने दूसरे राज्य से जयपुर के एक पुलिस स्टेशन में डाक से शिकायत भेजी थी। इसके बाद 29 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई। आरोप आईजी (मानवाधिकार सेल) किशन सहाय पर हैं। आरोप है कि आईजी ने शादी का झांसा देकर सरकारी रेजिडेंस पर उसके साथ जबरदस्ती की। हालांकि, आईपीएस ने आरोप को षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि- पुलिस चैट की जांच कर ले। किशन सहाय पहले भी धार्मिक बयानों और चुनाव ड्यूटी बीच में छोड़ने को लेकर विवादों में रहे हैं। सबसे पहले पढ़िए- क्या है आईजी से जुड़ा नया विवाद एफआईआर में 53 साल की महिला ने किशन सहाय के खिलाफ रेप का आरोप लगाया है। आरोप है कि सरकारी आवास पर बुलाकर जबरदस्ती की और मोबाइल बंद कर मारपीट की गई। इसके बाद पुलिस में शिकायत नहीं करने को लेकर धमकाया। तीन महीने तक वीडियो कॉल पर भी धमकी दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी विवादों में रहे हैं किशन सहाय भगवान-धार्मिक ग्रंथों को लेकर की थी टिप्पणी: किशन सहाय ने 2 साल पहले भगवान और धार्मिक ग्रंथों को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि – ईश्वर, अल्लाह, गॉड जैसी कोई शक्ति न कभी थी, न होती है। अगर इनसे हमें हिम्मत मिलती है तो यह केवल हमारा भ्रम मात्र है। धर्म ग्रंथों में जिनका भी वर्णन कर रखा है, वह कल्पना मात्र की बातें हैं। पूरी खबर पढ़िए… चुनाव के बीच ही ड्यूटी छोड़कर लौट आए थे: साल 2025 में झारखंड चुनाव में किशन सहाय को पुलिस ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) लगाया था। लेकिन वो कुछ दिन बाद ही चुनाव आयोग को बिना सूचना दिए जयपुर लौट आए थे। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़िए… एपीओ भी हो चुके हैं किशन सहाय IPS किशन सहाय मीणा राजस्थान कैडर के 2004 बैच के अफसर हैं। वे मूलत: राजस्थान के दौसा जिले के रहने वाले हैं। साल 2013 में आईपीएस बने थे। अगस्त 2013 में इन्हें एसपी टोंक लगाया गया था, लेकिन 11 जनवरी 2014 को एसपी पद से हटाकर एसपी जीआरपी अजमेर लगाया गया। यहां किशन सहाय पूरे एक साल तक रहे। इसके बाद उन्हें सरकार ने एपीओ कर दिया था। करीब 6 महीने एपीओ रहने के बाद सरकार ने सहाय को सीआईडी सीबी में एसपी लगाया। सहाय यहां साढ़े 4 साल तक रहे। सीआईडी के बाद जेल और फिर दोबारा सीआईडी सीबी में लगाया गया। साल 2020 में किशन सहाय को डीआईजी आर्म बटालियन पुलिस मुख्यालय में लगाया गया। यहीं पर सहाय डीआईजी से आईजी बने। 2023 में सहाय को ह्यूमन राइट्स में लगाया गया था। …. राजस्थान में IPS विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… अवैध वसूली मामले में ट्रेनी IPS अफसर APO:आरोपी के साथ कनेक्शन का आरोप, चैट सामने आई; बोले- इसमें मेरा रोल नहीं भीलवाड़ा में एक ट्रेनी आईपीएस को विवादों के कारण एपीओ किया गया था। आईपीएस माधव उपाध्याय के खिलाफ हुई कार्रवाई को एक वसूली के केस से जोड़कर देखा गया। पूरी खबर पढ़िए…
