राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ और टॉडगढ़-रावली वन्यजीव अभ्यारण्यों में वन्यजीव गणना आज शाम 5 बजे तक पूरी हो जाएगी। बुद्ध पूर्णिमा पर शुरू हुई इस विशेष गणना में 214 वाटर हॉल पर 280 गणनाकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही 38 कैमरों के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हुई थी गणना डीएफओ आरएन भाकर के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी बुद्ध पूर्णिमा पर वन्यजीव गणना का विशेष अभियान चलाया गया है। यह प्रक्रिया शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू होकर शनिवार शाम 5 बजे तक चांदनी रात में लगातार जारी रहेगी। 214 वाटर हॉल पर तैनात किए गए गणनाकर्मी वन विभाग ने दोनों अभ्यारण्यों में वन्यजीवों के पानी पीने के लिए कुल 214 वाटर हॉल चिन्हित किए हैं। इनमें 91 प्राकृतिक और 123 कृत्रिम वाटर हॉल शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर गणनाकर्मी तैनात किए गए हैं, जो वन्यजीवों की प्रत्यक्ष गणना कर रहे हैं। 38 कैमरों से की जा रही निगरानी इस बार आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए 38 कैमरे भी लगाए गए हैं, जो वाटर हॉल पर आने वाले वन्यजीवों की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। इसके साथ ही पेड़ों पर मचान बनाकर गणनाकर्मियों के बैठने की व्यवस्था की गई है, ताकि रातभर निगरानी सुचारू रूप से की जा सके। 280 लोग अभियान में शामिल इस अभियान में वन विभाग के कर्मचारी और वन्यजीव प्रेमियों सहित कुल 280 लोग भाग ले रहे हैं। सभी गणनाकर्मी वाटर हॉल पर आंखों देखी गणना कर रहे हैं। कई वन्यजीव प्रजातियों पर नजर कुंभलगढ़ और टॉडगढ़-रावली अभ्यारण्यों में लेपर्ड, हायना, भालू, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, मोर, बंदर सहित कई वन्यजीव और सरीसृप प्रजातियां पाई जाती हैं। इस गणना के दौरान इन सभी प्रजातियों की गतिविधियों और संख्या पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
