जालोर जिले में इस वर्ष मौसम के मिजाज में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण जहां तापमान में अस्थिरता बनी हुई है, वहीं राहत की बात यह है कि पिछले चार वर्षों की तुलना में इस बार का अप्रैल महीना सबसे कम गर्म दर्ज किया गया है। विक्षोभ के असर से 5 मई तक हीटवेट से राहत की उम्मीद है। धूप और अंधड़ का मिला-जुला असर, बिजली सप्लाई भी प्रभावित शुक्रवार को जिले भर में मौसम मिला-जुला रहा। दिनभर 39.7 डिग्री की तेज धूप ने आमजन को परेशान किया, लेकिन शाम 5 बजे के बाद 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने लू से राहत दिलाई। तेज हवाओं के कारण बिजली लाइनों में फॉल्ट आने से शहर के कई हिस्सों में घंटों बिजली गुल रही। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की गिरावट के साथ यह 27.8 डिग्री रहा। शनिवार सुबह से ही तेज धूप और उमस का प्रभाव बना हुआ है। 5 मई तक हीटवेव की संभावना नहीं मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 5 मई तक जिले में हीटवेव (लू) चलने की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में धूल भरी हवाएं चलने और बादलों की आवाजाही से तापमान नियंत्रण में रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। पिछले 4 सालों में बढ़ी गर्मी, रातें भी हुईं गर्म जालोर जिले के पिछले चार वर्षों (2023-2026) के मौसम आंकड़ों के अनुसार गर्मी अब समय से पहले आने लगी है और रातें भी पहले की तुलना में अधिक गर्म हो गई हैं। न्यूनतम तापमान में भी बड़ा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव न्यूनतम तापमान में देखा गया है। मार्च 2023 में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री था। मार्च 2026 में यह बढ़कर 19.1 डिग्री पहुंच गया। इससे साफ है कि अब रातें भी पहले की तुलना में ज्यादा गर्म रहने लगी हैं।
