जयपुर पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले एक्टिव गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 300 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, गैंग के हरियाणा, यूपी सहित कई राज्यों में नेटवर्क फैला है। दरअसल, गिरफ्तार आरोपी बुजुर्गों को निशाना बनाकर एटीएम बूथ में धोखाधड़ी करते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपियों में वीरेंद्र सिंह (25) निवासी रामपुरा थाना सेवर, जिला भरतपुर, सोनू (23) निवासी वेयर हाउस कॉलोनी, नदबई हाल गांधी नगर भरतपुर, और सद्दाम (26) निवासी बलराम नगर, लौणी जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। एटीएम बूथ के बाहर खड़े होकर बनाने थे निशाना डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपियों से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उनकी गैंग SVS (सोनू, वीरेंद्र, सद्दाम) के नाम से काम करती थी। गैंग के सदस्य भरतपुर के सेवर क्षेत्र में तिराहे के पास एकत्रित होकर वारदात की योजना बनाते थे। इसके बाद किसी शहर को चिन्हित कर वहां पहुंचते और एटीएम बूथ के बाहर खड़े होकर बुजुर्ग महिला-पुरुषों को निशाना बनाते थे। मदद के बहाने बदल लेते थे एटीएम कार्ड डीसीपी वेस्ट ने बताया कि वारदात को अंजाम के बाद आरोपी अपनी कार से मुख्य मार्गों से बचते हुए गलियों के रास्ते फरार हो जाते थे। जनवरी 2026 में जेल से छूटने के बाद तीनों आरोपियों ने एटीएम बदलकर धोखाधड़ी की इस वारदात को अंजाम दिया था। कई राज्यों में फैला नेटवर्क उन्होंने बताया कि गैंग राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सक्रिय थी। आरोपी होटलों में ठहरकर वारदात की योजना बनाते और आपस में रकम बांट लेते थे। मामले में पुलिस टीम ने करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने के रूट का चार्ट तैयार किया और करीब 450 किलोमीटर तक पीछा कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोनू के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, चोरी, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराएं शामिल हैं। ये मामले भरतपुर और जयपुर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने आमजन से की अपील
