डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को विश्वविख्यात रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास कार्यों का जायजा लिया।
इस दौरान 20 करोड़ रुपए की लागत से डीग एस्केप के जीर्णोद्धार की घोषणा की गई। साथ ही सरोवरों की सफाई के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने महल परिसर में स्थित गोपाल भवन, नंद भवन, कृष्ण भवन और हरदेव भवन का अवलोकन किया। उन्होंने महल के प्रमुख आकर्षण गोपाल सागर और रूप सागर का भी निरीक्षण किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने उन्हें जल महल की ऐतिहासिक विशेषताओं, वास्तुकला और इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान कलेक्टर ने सरोवरों को स्वच्छ जल से भरने के लिए निर्मित डीग एस्केप के नवीनीकरण कार्य की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अंतर्गत डीग एस्केप के सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। डीग एस्केप का जल्द होगा जीर्णोद्धार
इस संबंध में उन्होंने बताया कि वर्तमान में डीग एस्केप के जीर्णोद्धार कार्य के लिए स्वीकृति प्रक्रिया चल रही है। स्वीकृति प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग द्वारा त्वरित निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि डीग एस्केप के निर्माण के दौरान बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण किया जाए, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी इन सरोवरों में मिलने से रोका जा सके और सरोवरों में केवल स्वच्छ जल की आवक सुनिश्चित हो।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग योगेश कुमार, सहायक अभियंता देवेंद्र कुमार, चरण सिंह गुर्जर और बच्चू सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
